तेलंगाना में 'इंदिरम्मा टावर्स' के लिए चयन प्रक्रिया शुरू, सरकार ने बताई पारदर्शिता की पूरी योजना
तेलंगाना सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद के शहरी गरीबों के लिए अपनी महत्वाकांक्षी 'इंदिरम्मा टावर्स' आवास योजना के लाभार्थियों का चयन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजस्व और आवास मंत्री…
तेलंगाना सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद के शहरी गरीबों के लिए अपनी महत्वाकांक्षी 'इंदिरम्मा टावर्स' आवास योजना के लाभार्थियों का चयन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राजस्व और आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और चयन का एकमात्र आधार योग्यता होगी।
मंत्री ने इस प्रोजेक्ट को गरीबों के लिए सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे किसी भी जाति, धर्म या राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर रखा गया है। चयन के लिए पारदर्शी लकी ड्रॉ का आयोजन किया जा रहा है, जिसे मीडिया और योग्य लाभार्थियों की मौजूदगी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव दिखाया जा रहा है।
लकी ड्रॉ और आवंटन की प्रक्रिया
शुक्रवार को नामपल्ली, कुथबुल्लापुर, सिकंदराबाद और राजेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए लकी ड्रॉ आयोजित किए गए। मंत्री ने जानकारी दी कि शुक्रवार से 31 अगस्त तक, 16 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 8,000 फ्लैटों के लिए लकी ड्रॉ निकाले जाएँगे। यह प्रक्रिया हर दिन चार विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से आगे बढ़ेगी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 480 फ्लैटों के लिए 600 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। शुरुआती चयन के बाद, अधिकारी अंतिम रूप से फील्ड वेरिफिकेशन करेंगे। यदि कोई चयनित व्यक्ति अयोग्य पाया जाता है, तो बाकी 120 लोगों में से किसी योग्य उम्मीदवार को वह फ्लैट आवंटित कर दिया जाएगा।
परियोजना की खास बातें
श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि लकी ड्रॉ के माध्यम से चुने गए प्रत्येक लाभार्थी को लगभग 525 वर्ग फुट का तैयार घर मिलेगा, जिसमें 17 से 20 वर्ग गज की अविभाजित भूमि का हिस्सा भी शामिल होगा। ये टावर 10 मंजिल तक ऊँचे बनाए जाएँगे और इनमें लिफ्ट जैसी सभी जरूरी सुविधाएँ होंगी। लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन बिना किसी शुल्क के किया जाएगा और उन्हें 10 साल बाद अपनी संपत्ति बेचने का भी अधिकार होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर 10 साल से पहले कोई आपातकालीन आवश्यकता पड़ती है, तो लाभार्थी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज़ बैंक में रखकर ऋण भी ले सकते हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अंतिम चयन के बाद वेरिफिकेशन प्रमाणपत्र जारी किए जाएँगे और 3-4 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कदम उठाए जाएँगे।
सरकार का व्यापक आवास लक्ष्य
मंत्री ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 13 अगस्त को कुकटपल्ली में इंदिराम्मा टावर्स की आधारशिला रखी थी। सरकार का लक्ष्य CURE (कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी) पहल के तहत पहले चरण में 1 लाख घर बनाना है। इसके अलावा, चार और विधानसभा क्षेत्रों में जमीन की पहचान कर ली गई है, जहाँ 'इंदिरम्मा' घरों के लिए आवेदन 3 सितंबर तक स्वीकार किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पहले ही साल में पूरे राज्य में 4.50 लाख 'इंदिरम्मा' घरों को मंजूरी दी थी, जिनमें से 2 लाख से ज्यादा का निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार हर घर के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद दे रही है। दूसरे चरण में 2.50 लाख और घरों को मंजूरी दी गई है, जिनके लिए लाभार्थी चयन प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी होने की संभावना है।
इनपुट: IANS



