बाज़ार की निगरानी हुई और सख्त: SEBI ने अपने फॉरेंसिक ऑडिट पैनल में 18 नई फर्में जोड़ीं
भारतीय शेयर बाज़ार में लिस्टेड कंपनियों पर निगरानी और सख्त करने के लिए नियामक संस्था सेबी (SEBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। सेबी ने कंपनियों के वित्तीय बही-खातों की गहराई से जांच (फॉरेंसिक ऑडिट) करने…
भारतीय शेयर बाज़ार में लिस्टेड कंपनियों पर निगरानी और सख्त करने के लिए नियामक संस्था सेबी (SEBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। सेबी ने कंपनियों के वित्तीय बही-खातों की गहराई से जांच (फॉरेंसिक ऑडिट) करने के लिए अपने पैनल में 18 नई विशेषज्ञ फर्मों को शामिल किया है, जिससे पैनल का विस्तार हो गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सूची में अर्न्स्ट एंड यंग (E&Y) एलएलपी और केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी जैसी 'बिग फोर' ऑडिट फर्मों से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। इनके अलावा, ज़ेडएक्स ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी और नांगिया एंड कंपनी एलएलपी जैसी प्रतिष्ठित फर्मों को भी पैनल में जगह दी गई है।
क्यों पड़ी इस पैनल की ज़रूरत?
जब भी किसी लिस्टेड कंपनी में वित्तीय गड़बड़ियों या धोखाधड़ी की आशंका होती है, तो सेबी इसी पैनल में शामिल फर्मों को जांच का जिम्मा सौंपती है। ये फर्में कंपनी के खातों का बारीकी से ऑडिट करती हैं। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद पूंजी बाज़ार की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मज़बूत करना, कंपनियों के कामकाज में पारदर्शिता लाना और सबसे बढ़कर, निवेशकों के हितों की रक्षा करना है।
चयन प्रक्रिया और वैधता
इन नई फर्मों का चयन नवंबर 2025 में जारी एक पब्लिक प्रोक्योरमेंट नोटिस के तहत शुरू हुई प्रक्रिया के बाद किया गया है। नियामक द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन्हें अप्रैल 2025 में प्रकाशित फॉरेंसिक ऑडिटरों की मौजूदा सूची में जोड़ा गया है। पैनल में इनका शामिल होना नवीनतम सूची के प्रकाशन की तारीख से तीन साल तक वैध रहेगा।
पैनल में शामिल अन्य प्रमुख फर्में
नई सूची में जे.सी. काबरा एंड एसोसिएट्स, जे. मंडल एंड कंपनी एलएलपी, जे. सिंह एंड एसोसिएट्स, जैन जगावत कामदार एंड कंपनी, और पिपारा एंड कंपनी एलएलपी समेत कई अन्य भारतीय फर्में भी हैं। इस विस्तार से सेबी के पास जांच के लिए विशेषज्ञों का एक बड़ा और विविध पूल उपलब्ध होगा।
क्या कहती हैं कंपनियां?
पैनल में शामिल होने पर नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के फॉरेंसिक एडवाइजरी के वरिष्ठ साझेदार श्रीनिवास राव ने इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, "सेबी के पैनल में शामिल होना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। यह हमारी टीम की गहरी विशेषज्ञता और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।" राव ने आगे कहा कि उनकी फर्म स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट के ज़रिए सेबी के पारदर्शी प्रतिभूति बाज़ार बनाए रखने के प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर है।
इनपुट: IANS



