सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों में बढ़ा तनाव, मिसाइल-ड्रोन हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
यमन में शांति की उम्मीदों पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तीन शहरों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है, जिसके बाद सऊदी के नेतृत्व वाले…
यमन में शांति की उम्मीदों पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तीन शहरों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है, जिसके बाद सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह तनाव अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद बनी शांति को भंग कर सकता है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में बताया कि हूती समूह ने खमीस मुशेत, आभा और जाजान शहरों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, "हूती लगातार सऊदी अरब की राष्ट्रीय संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। यह क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और आम नागरिकों को निशाना बनाने की हूतियों की आक्रामक नीति को दर्शाता है।" अल-मालिकी ने स्पष्ट किया कि गठबंधन की संयुक्त सैन्य कमान देश की संप्रभुता, नागरिकों और सुविधाओं की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करेगी।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने इन सीमा पार हमलों की कड़ी निंदा की है, जिनसे नागरिक और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संगठन को इन हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरों से गहरी चिंता है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सैन्य तनाव में लगातार बढ़ोतरी यमन के लिए राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के मोर्चे पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों से लगातार संपर्क में हैं।
यमन में बिगड़ते मानवीय हालात
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के भीतर भी सरकारी बलों और हूतियों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष तेज हो गया है, खासकर देश के पश्चिमी इलाकों में। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, बढ़ती लड़ाई उन समुदायों के लिए विनाशकारी साबित हो रही है जो पहले से ही एक दशक से ज्यादा के संघर्ष से जूझ रहे हैं। कार्यालय ने बताया कि सिर्फ ताइज और अल-हुदैदाह प्रांतों में ही 5,600 से अधिक परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, और पिछले एक सप्ताह में दो बच्चों सहित 11 आम नागरिक हताहत हुए हैं।
इनपुट: IANS



