रूस ने अमेरिकी नागरिक को किया रिहा, ट्रंप बोले- पुतिन से बात के बाद बिना शर्त मिली आज़ादी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि रूस ने एक अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया कि यह रिहाई उनके अनुरोध पर हुई…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि रूस ने एक अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ट्रंप ने दावा किया कि यह रिहाई उनके अनुरोध पर हुई है, जो उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान किया था।
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि जब वह पुतिन से यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर चर्चा कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने हबर्ड को रिहा करने का आग्रह किया। ट्रंप ने कहा, "मैंने उनसे कहा कि कृपया स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दीजिए। उन्होंने इसके लिए हामी भर दी।"
बिना किसी लेन-देन के रिहाई
ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि हबर्ड की रिहाई के बदले अमेरिका ने रूस को कुछ भी नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमने बदले में कुछ नहीं दिया, जो बहुत दुर्लभ बात है।" उनके अनुसार, हबर्ड पहले से ही विमान में हैं और अमेरिका लौट रहे हैं। उनके साथ उनके दोस्त स्टीव विटकॉफ और उनका परिवार भी मौजूद है।
राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने बुधवार सुबह हबर्ड से बात की और वह बहुत खुश थे। ट्रंप के अनुसार, हबर्ड के परिवार को यह आशंका थी कि उन्हें 20 से 25 साल तक जेल में रहना पड़ सकता है। इसे मानवीय आधार पर हुई रिहाई मानने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि इसे उस नजरिए से देखा जा सकता है।
रूस पर कड़े कदमों से परहेज
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने रूस के खिलाफ अधिक कड़े कदम उठाने की मांगों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि अगर वे उन मांगों को मान लेते, तो हबर्ड की रिहाई संभव नहीं होती। ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आलोचक रूस के खिलाफ किस तरह के कदमों की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह ऐसे समय में कोई कदम नहीं उठाना चाहते थे जिससे यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचे।
ईरान और वैश्विक समीकरण
इसी बातचीत में ट्रंप ने ईरान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाइयों के बाद ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था भी गंभीर दबाव में है। उन्होंने ईरान संघर्ष में रूस और चीन की सीमित भागीदारी को एक सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि दोनों देश युद्ध का समाधान चाहते हैं।
इनपुट: IANS



