पाकिस्तानी हवाई हमलों में 36 अफगान नागरिकों की मौत, मानवाधिकार संगठन IHRF ने स्वतंत्र जांच की माँग उठाई
अफगानिस्तान के तीन प्रांतों — पक्तिया, पक्तिका और कुनार — में पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है। रविवार रात हुए इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों नागरिक हताहत हुए, जिसके बा
अफगानिस्तान के तीन प्रांतों — पक्तिया, पक्तिका और कुनार — में पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है। रविवार रात हुए इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों नागरिक हताहत हुए, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने पुष्टि की कि इन हमलों में 36 नागरिकों की जान गई, 163 लोग घायल हुए और तीन घर पूरी तरह नष्ट हो गए।
IHRF ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (IHRF) ने इन हमलों पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि "नागरिक इलाकों और राहत कार्य में लगे लोगों पर हमलों की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करती है।" संगठन के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ 'भेदभाव, मापदंड के अनुसार कार्रवाई और सावधानी' जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो सकती हैं।
IHRF ने यह भी रेखांकित किया कि नागरिकों या राहतकर्मियों पर जानबूझकर या अंधाधुंध हमला जेनेवा कन्वेंशन और उसके प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है।
पाकिस्तान से पारदर्शिता और जाँच में सहयोग की अपील
संगठन ने पाकिस्तान सरकार से माँग की है कि वह इन सैन्य अभियानों के कानूनी आधार, लक्ष्य निर्धारण प्रक्रिया और परिस्थितियों पर पारदर्शी स्पष्टीकरण दे। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच में सहयोग करे तथा प्रभावित क्षेत्रों तक मानवीय सहायता की पहुँच सुनिश्चित करे।
IHRF ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखें, सभी घटनाओं का दस्तावेज़ीकरण करें और तथ्य-खोज मिशन को समर्थन दें।
करजई और तालिबान — दोनों ने की निंदा
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों को "कायराना आक्रमण" करार दिया। उन्होंने कहा कि पक्तिका, पक्तिया और कुनार के कई ज़िलों में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों सहित नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं। मुजाहिद ने पाकिस्तान पर "आक्रामक नीति" अपनाने का आरोप लगाते हुए इसे मानवता के विरुद्ध अपराध बताया।
इनपुट: IANS



