रनआईच्याओ रीफ विवाद: चीन ने फिलीपींस के राजदूत को तलब कर जताया कड़ा विरोध
दक्षिण चीन सागर में स्थित रनआईच्याओ रीफ को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने बीजिंग में फिलीपींस के राजदूत को तलब कर एक हालिया…
दक्षिण चीन सागर में स्थित रनआईच्याओ रीफ को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने बीजिंग में फिलीपींस के राजदूत को तलब कर एक हालिया घटना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस पर उत्तेजक कार्रवाई करने और अपने तटरक्षक बल के कर्मियों पर हमला करने का आरोप लगाया है।
चीन का दावा है कि रनआईच्याओ रीफ उसके नानशा द्वीप समूह का हिस्सा है और इस क्षेत्र में चीनी तटरक्षक बल की कानून प्रवर्तन कार्रवाई पूरी तरह से जायज और कानूनी है। चीनी पक्ष के अनुसार, फिलीपींस के एक अवैध रूप से वहां मौजूद युद्धपोत से निकली दो रबर की नावों ने खतरनाक तरीके से चीनी तटरक्षक जहाज के पास आकर टक्कर मारी।
चीन के आरोप और मांगें
चीनी अधिकारी ने कहा कि फिलीपींस के लोगों ने जानबूझकर चीनी कानून प्रवर्तन कर्मियों को परेशान किया और उन पर हमला किया, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई। बीजिंग ने इस कार्रवाई को "बहुत खतरनाक" बताया है। चीन का यह भी आरोप है कि फिलीपींस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करके चीन को बदनाम करने की कोशिश की। इसके जवाब में, चीन ने फिलीपींस से तत्काल अपनी उत्तेजक कार्रवाइयां और दुष्प्रचार बंद करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि वह अपनी संप्रभुता और समुद्री अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से कदम उठाएगा।
मानवीय आधार पर दी गई थी इजाजत
इस बीच, चीनी तटरक्षक बल के प्रवक्ता गान यू ने एक अलग बयान में बताया कि मंगलवार सुबह चीन ने मानवीय आधार पर फिलीपींस को एक रियायत दी थी। उन्होंने कहा कि फिलीपींस को रनआईच्याओ रीफ पर फंसे जहाज संख्या 57 से घायलों को छोटी नाव के जरिए फिलीपींस कोस्ट गार्ड के जहाज 9702 तक ले जाने की अनुमति दी गई। प्रवक्ता के मुताबिक, चीनी तटरक्षक बल ने फिलीपींस की नावों की जांच-पड़ताल की और पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन कानून के अनुसार क्षेत्र में अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए गतिविधियां जारी रखेगा।
इनपुट: IANS



