RG कर केस: जूनियर डॉक्टर के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोप में पूर्व TMC विधायक न्यायिक हिरासत में
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को एक जिला अदालत ने…
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को एक जिला अदालत ने शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 78 वर्षीय घोष पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव का जल्दबाजी में और नियमों का उल्लंघन कर अंतिम संस्कार कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
गुरुवार को पड़ोसी राज्य ओडिशा से गिरफ्तारी के बाद निर्मल घोष को शुक्रवार को बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर पनिहाटी के एक श्मशान घाट पर पीड़िता के शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार करवाया, ताकि दूसरे पोस्टमार्टम की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
जमानत याचिका खारिज
अदालत में सुनवाई के दौरान निर्मल घोष के वकील ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। वकील ने दलील दी कि घोष 78 वर्ष के हैं और उम्र से जुड़ी कई बीमारियों से पीड़ित हैं, जिसके लिए उन्हें लगातार इलाज की जरूरत है। हालांकि, सरकारी वकील ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला अदालत के न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज करते हुए घोष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
कैसे फिर से खुला मामला?
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब 8 अगस्त को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक कार्यक्रम में पीड़िता के शव के 'सुनियोजित' और 'जल्दबाजी में' किए गए अंतिम संस्कार की बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय से नई जांच कराने की घोषणा की। इसके बाद पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में एक नई शिकायत दर्ज कराई।
इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक नई एफआईआर दर्ज की, जिसमें तीन लोगों को नामजद किया गया — पूर्व विधायक निर्मल घोष, पनिहाटी नगरपालिका के स्थानीय TMC पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव बनर्जी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही घोष फरार चल रहे थे, जिन्हें गुरुवार रात ओडिशा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने संजीव बनर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पार्षद सोमनाथ डे अब भी फरार हैं।
इनपुट: IANS



