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राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल: चार चरणों में होगी वोटिंग, 23 अक्टूबर से मतदान शुरू

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को जारी शेड्यूल के…

राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल: चार चरणों में होगी वोटिंग, 23 अक्टूबर से मतदान शुरू
(फोटो: IANS)

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है क्योंकि राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को जारी शेड्यूल के मुताबिक, प्रदेश भर में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों में मतदान कराया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही ग्रामीण राजस्थान में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

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इन चुनावों के माध्यम से लगभग 1.69 लाख पंचायती राज प्रतिनिधि चुने जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर शासन की बागडोर संभालेंगे। प्रदेश के करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें जयपुर जिले में सबसे अधिक लगभग 18.99 लाख मतदाता हैं, जबकि जैसलमेर में सबसे कम करीब 4.36 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।

मतदान की तारीखें और प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने दो अलग-अलग पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया और तारीखें तय की हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए होंगे, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदाता बैलेट पेपर का इस्तेमाल करेंगे।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य:

  • पहला चरण: 23 अक्टूबर
  • दूसरा चरण: 29 अक्टूबर
  • तीसरा चरण: 4 नवंबर
  • चौथा चरण: 14 नवंबर

सरपंच और वार्ड पंच:

  • पहला चरण: 25 अक्टूबर
  • दूसरा चरण: 31 अक्टूबर
  • तीसरा चरण: 6 नवंबर
  • चौथा चरण: 16 नवंबर

परिणाम और प्रमुखों का चुनाव

मतगणना की प्रक्रिया भी अलग-अलग रखी गई है। सरपंच और वार्ड पंच के वोटों की गिनती मतदान वाले दिन ही पूरी कर ली जाएगी। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव परिणामों के लिए 20 नवंबर का दिन तय किया गया है।

इन परिणामों के बाद, चुने गए सदस्य जिला प्रमुखों और प्रधानों का चुनाव करेंगे। 41 जिला प्रमुखों और 457 प्रधानों के लिए चुनाव 25 नवंबर को होंगे। आयोग का लक्ष्य 28 नवंबर तक पूरी चुनावी प्रक्रिया को समाप्त करना है।

महिला आरक्षण और सीटों का गणित

इन चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लगभग 7,200 महिलाएं सरपंच बनेंगी और 63,000 से ज्यादा वार्ड पंच पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, 41 जिला प्रमुखों में से 20 और 457 प्रधानों में से 221 पद महिलाओं के हिस्से में आएंगे।

आरक्षण व्यवस्था के तहत सरपंच के 3,058 पद अनुसूचित जनजाति (ST), 2,493 अनुसूचित जाति (SC) और 1,961 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह, लगभग 1.30 लाख वार्ड पंच पदों में से 21,962 SC, 19,117 ST और करीब 15,000 पद OBC उम्मीदवारों के लिए होंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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