राजस्थान में सड़कों पर उतरे जज: सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 9 लग्जरी बसें जब्त, कई के चालान
राजस्थान में बसों में आग लगने की हालिया घातक घटनाओं के बाद अब न्यायपालिका ने सड़क सुरक्षा का जिम्मा संभाला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के न्यायिक अधिकारी गुरुवार को अपनी कोर्टरूम छोड़कर सड
राजस्थान में बसों में आग लगने की हालिया घातक घटनाओं के बाद अब न्यायपालिका ने सड़क सुरक्षा का जिम्मा संभाला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के न्यायिक अधिकारी गुरुवार को अपनी कोर्टरूम छोड़कर सड़कों पर उतरे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लग्जरी बसों और स्कूल वाहनों की सघन जांच की। इस विशेष अभियान के तहत सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाली 9 बसों को जब्त कर लिया गया।
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य फलोदी और दौसा जैसे हादसों को रोकना है, जहां कई यात्री बसों में जलकर मर गए थे। जयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार जीनवाल ने बताया कि जांच में पाया गया कि कई बसें सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही थीं, जिसके चलते यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है।
जांच में मिलीं गंभीर खामियां
अधिकारियों ने जब बसों का निरीक्षण किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पवन कुमार जीनवाल ने बताया कि कई स्लीपर बसों में जरूरी चार आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) के बजाय सिर्फ एक ही दरवाजा था। ज्यादा सामान रखने या अतिरिक्त सीटें लगाने के लिए ऑपरेटरों ने बसों की मूल बॉडी और सीटों के बीच की दूरी में भी बदलाव कर दिया था। कई बसों में आपातकालीन खिड़कियों और दरवाजों को अवैध सीटों, स्लीपर बर्थ या केबिन बनाकर बंद कर दिया गया था, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकता है।
पूरे राज्य में एक्शन
यह अभियान सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं है। पूरे प्रदेश में चली जांच के दौरान कुल 9 बसें जब्त की गईं और 15 अन्य वाहनों के चालान काटे गए। जयपुर में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (मेट्रोपॉलिटन-2) की सचिव व जज पल्लवी शर्मा ने चोमू पुलिया पर निरीक्षण के दौरान एक ऐसी बस पकड़ी जो मध्य प्रदेश में पंजीकृत थी, लेकिन उस पर राजस्थान की नंबर प्लेट लगी हुई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त बसों को या तो पुलिस स्टेशन भेजा जाएगा या उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री के मुताबिक, अभियान का पहला चरण लंबी दूरी की लग्जरी बसों पर केंद्रित है। अगले महीने यह जांच जयपुर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर समेत राज्य के सभी प्रमुख परिवहन केंद्रों पर जारी रहेगी। जांच दल में न्यायिक अधिकारियों के साथ परिवहन विभाग के अफसर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



