राजस्थान: साइबर ठगी रोकने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक्शन प्लान, पुलिस और बैंकों को दिए कड़े निर्देश
राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण करने…
राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने अधिकारियों को न केवल जालसाजों को पकड़ने, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग अपने बैंक खातों को साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल होने देते हैं, उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाकर धोखाधड़ी वाले खातों को तुरंत फ्रीज कराने के लिए कहा।
जागरूकता और तकनीकी मजबूती पर जोर
मुख्यमंत्री शर्मा ने साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र (R4C) के लिए एक समर्पित भवन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
हेल्पलाइन और पुलिस की कार्रवाई
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली लगभग 95% शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। हेल्पलाइन की क्षमता 30 से बढ़ाकर 53 लाइन कर दी गई है और जल्द ही इसे 60 लाइनों तक विस्तारित किया जाएगा। यह हेल्पलाइन अब तीन शिफ्टों में काम कर रही है।
पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि 5 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने ऑपरेशन वज्र प्रहार, साइबर शील्ड, और म्यूल हंटर जैसे अभियानों की सफलता पर भी प्रकाश डाला, जिनके तहत अपराधियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों के पैसे की वसूली हुई है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने 2026 में विशेष प्रशिक्षण के लिए राजस्थान पुलिस के 54 कर्मियों का चयन किया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैंकों के साथ समन्वय के लिए एक विशेष राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक भी बुलाई गई है।
इनपुट: IANS



