शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रेलवे में ख़राब खाने पर बड़ी कार्रवाई: कैटरिंग ठेकेदारों पर 5 करोड़ का जुर्माना, 6 लाइसेंस रद्द

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। पिछले तीन वर्षों में दोषी पाए गए कैटरिंग सेवा प्रदाताओं पर कुल 5.13 करोड़…

रेलवे में ख़राब खाने पर बड़ी कार्रवाई: कैटरिंग ठेकेदारों पर 5 करोड़ का जुर्माना, 6 लाइसेंस रद्द
(फोटो: IANS)

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। पिछले तीन वर्षों में दोषी पाए गए कैटरिंग सेवा प्रदाताओं पर कुल 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में छह कैटरिंग ठेके भी रद्द कर दिए गए हैं।

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यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि जुर्माने और ठेके रद्द करने के अलावा अन्य दंडात्मक कदम भी उठाए गए हैं, जिनमें 54 कारण बताओ नोटिस जारी करना और कई लाइसेंसधारकों को ब्लैकलिस्ट या प्रतिबंधित (डिबार) करना शामिल है। पारदर्शिता के लिए, प्रतिबंधित किए गए लाइसेंसधारकों की सूची IRCTC की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाती है।

भोजन की गुणवत्ता और शिकायतें

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों की संख्या बहुत कम है। उनके मुताबिक, भारतीय रेलवे हर साल औसतन 58 करोड़ भोजन पैकेट यात्रियों को परोसता है, जिसकी तुलना में शिकायतों का आँकड़ा कुल परोसे गए भोजन का केवल 0.0008 प्रतिशत है।

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय

यात्रियों का भरोसा जीतने और खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए रेलवे और IRCTC ने कई कदम उठाए हैं। इनमें रेलवे अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित व औचक निरीक्षण शामिल हैं, जहाँ भोजन की गुणवत्ता, साफ़-सफ़ाई और अन्य मानकों की जाँच की जाती है।

भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए बेस किचन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और स्वच्छता मानकों पर नज़र रखने के लिए खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों (Food Safety Supervisors) की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, कई जगहों पर अत्याधुनिक रसोइयां स्थापित की गई हैं।

पारदर्शिता और प्रशिक्षण पर ज़ोर

यात्रियों को अधिक जानकारी देने के लिए भोजन के पैकेटों पर अब क्यूआर कोड भी दिया जा रहा है। इसे स्कैन करके यात्री पैकिंग की तारीख, लाइसेंसधारी का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि IRCTC कैटरिंग कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें ग्राहक सेवा और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाता है।

रेलवे ने ब्रांडेड कच्चे माल का उपयोग, भोजन के नमूनों की नियमित जाँच, पेंट्री कारों की गहन सफ़ाई, कीट नियंत्रण, अनिवार्य FSSAI प्रमाणीकरण और तीसरे पक्ष द्वारा ऑडिट जैसे उपाय भी लागू किए हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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