ईरान-अमेरिका तनाव: मध्यस्थता में जुटा क़तर, समझौते के मसौदे पर बातचीत जारी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। क़तर और ओमान दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और एक संभावित समझौते के मसौदे पर…
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। क़तर और ओमान दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और एक संभावित समझौते के मसौदे पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के हवाले से IANS ने रिपोर्ट दी है कि इन कोशिशों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में किसी बड़े संघर्ष को टालना और बातचीत का रास्ता फिर से खोलना है।
क़तर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने मंगलवार को एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में इन प्रयासों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि सभी पक्षों के साथ प्रयास अभी भी जारी हैं। हम इस समय भी कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बातचीत काफी सकारात्मक और आगे के चरण में पहुंच चुकी है।"
मध्यस्थता और कूटनीतिक राह
माजिद अल अंसारी ने ज़ोर देकर कहा कि मध्यस्थ एक ऐसे अल्पकालिक कूटनीतिक समाधान पर काम कर रहे हैं, जिससे रुकी हुई वार्ता फिर से शुरू हो सके। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बारे में उन्होंने कहा कि क़तर की पहली प्राथमिकता तनाव घटाना और जलमार्ग को खुला रखना है। उन्होंने कहा, "हम इस समय अपने क्षेत्र में किसी बड़े तनाव या संघर्ष को नहीं देखना चाहते।"
फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच किसी सीधी बातचीत का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। अल अंसारी ने उम्मीद जताई कि मध्यस्थता के प्रयासों से जल्द ही यह संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा, "अभी हमारे पास सीधी वार्ता का कोई तय कार्यक्रम नहीं है। हमें उम्मीद है कि अगर बातचीत जल्द फिर शुरू होती है, तो हम एक बड़े समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी समझौते के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मंगलवार को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत "इस समय भी जारी है" और उन्होंने इसे "आखिरी मौका" बताया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम बातचीत कर रहे हैं, और यह बातचीत ईरान के अनुरोध पर हो रही है। इसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और खास तौर पर कतर का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा कुछ अन्य देश भी इसका समर्थन कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सभी पक्ष तनाव कम करने वाला समाधान चाहते हैं।
इनपुट: IANS



