पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 4 साल में करीब एक लाख गिरफ्तारियां, 73 हज़ार से ज़्यादा केस दर्ज
पंजाब में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से अप्रैल 2026 के अंत तक राज्य में…
पंजाब में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' मुहिम तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से अप्रैल 2026 के अंत तक राज्य में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत 73,541 मामले दर्ज किए गए हैं, जो एक बड़ी कार्रवाई का संकेत है।
इन मामलों के तहत अधिकारियों ने 98,596 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 2017 से 2021 के बीच दर्ज हुए 52,255 मामलों और 68,064 गिरफ्तारियों की तुलना में काफी बड़ी है। आंकड़ों पर गौर करें तो मामलों में 40% और गिरफ्तारियों में करीब 45% की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन का दावा है कि यह बढ़ोतरी राज्य भर में ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान का नतीजा है।
नार्को-टेररिज्म के खिलाफ एक्शन
नशे का यह नेटवर्क सिर्फ राज्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म से भी जुड़े हैं। हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली में एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया, जो हेरोइन के बड़े पैमाने पर आयात से जुड़ा था। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ छह चार्जशीट दायर की हैं, जिस पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से ड्रग्स की तस्करी का आरोप है।
इसी तरह की एक और घटना में, हरियाणा एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने सात लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। जांच में पता चला कि नशीले पदार्थों की बिक्री से हुई 74 करोड़ रुपये की कमाई हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजी गई, जिसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया गया।
सीमा पार से बढ़ता खतरा और ड्रोन का इस्तेमाल
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों की तस्करी का मुख्य मार्ग बना हुआ है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, ड्रग तस्कर अब ड्रोन, जीपीएस-इनेबल्ड कंसाइनमेंट और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि 2021 से ड्रोन के जरिए ड्रग तस्करी में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित सीमावर्ती राज्य बन गया है।
आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को दर्शाते हैं। अकेले 2025 में देशभर में ड्रोन से ड्रग तस्करी की 305 घटनाएं हुईं, जिनमें से 298 अकेले पंजाब सीमा पर हुईं। इन घटनाओं में लगभग 460 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए। केंद्र सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए सीमा पर एडवांस्ड एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाई-टेक सर्विलांस जैसे उपाय कर रही है।
पंजाब के 6 जिले 'अति-संवेदनशील'
केंद्र सरकार ने 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत पंजाब के छह जिलों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इनमें पाकिस्तान सीमा से सटे अमृतसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन के अलावा औद्योगिक केंद्र लुधियाना भी शामिल है। ये जिले नशे के कारोबार और तस्करी के लिहाज से सबसे ज्यादा चिंता का विषय बने हुए हैं।
इनपुट: IANS



