SSC परीक्षा धांधली: परीक्षा केंद्र चुनने वाली कंपनी के 2 डायरेक्टर गिरफ्तार, STF ने खोला साठगांठ का राज
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले एक बड़े गिरोह का उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें…
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले एक बड़े गिरोह का उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें परीक्षा केंद्रों का चयन और ऑडिट करने वाली कंपनी 'एसेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' की सीधी संलिप्तता सामने आई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एसटीएफ ने इसी कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस धांधली में गिरफ्तार हुए कुल आरोपियों की संख्या 10 हो गई है।
गिरफ्तार किए गए दोनों डायरेक्टर राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान गगनदीप शर्मा और यादवेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। एसटीएफ को लगातार सूचना मिल रही थी कि एसएससी की परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह सक्रिय हैं, जिसके बाद नोएडा फील्ड इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही थी।
कैसे काम करती थी यह साठगांठ?
जांच में सामने आया कि एसएससी अपनी परीक्षाएं कराने के लिए 'इक्विटी' नामक संस्था को नियुक्त करती है। इक्विटी ने उत्तर भारत में परीक्षा केंद्र चुनने, उनका सिक्योरिटी ऑडिट करने और स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन करने का काम एसेस इंफ्रा कंपनी को सौंपा था।
एसटीएफ के मुताबिक, एसेस इंफ्रा कंपनी इन परीक्षा केंद्रों को उनका निर्धारित शुल्क नहीं देती थी। इसके बदले में, वह इन केंद्रों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करती थी। इसी का फायदा उठाकर परीक्षा केंद्र संचालक अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें नकल करने और पेपर सॉल्व कराने की व्यवस्था करते थे।
ग्रेटर नोएडा का सेंटर था गढ़
इस पूरे मामले की कड़ी 22 मई को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित 'बालाजी डिजिटल जोन' पर हुई छापेमारी से जुड़ी है। तब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रॉक्सी सर्वर लगाकर और सर्वर हैक करके नकल कराने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा भी शामिल थे। उस समय मौके से 50 लाख रुपये नकद और सर्वर समेत कई उपकरण बरामद हुए थे।
जांच में पता चला कि इस बालाजी डिजिटल जोन को भी एसेस इंफ्रा ने ही परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था। इस केंद्र पर 2025 से अब तक एसएससी की 16 परीक्षाएं हो चुकी थीं, लेकिन एसेस इंफ्रा ने उसे तय शुल्क का भुगतान नहीं किया था। हैरान करने वाली बात यह भी है कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान का नाम अप्रैल 2026 में देहरादून के एक ऐसे ही मामले में सामने आया था, लेकिन एसेस इंफ्रा ने इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए उसकी ग्रेटर नोएडा स्थित लैब को फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया।
एसटीएफ ने बताया है कि इस धांधली के तार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्रों से जुड़े हो सकते हैं।
इनपुट: IANS



