मध्य प्रदेश: मोहन यादव कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे, कृषि और खेल के लिए ₹13,790 करोड़ की योजनाओं को दी हरी झंडी
मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने, कृषि क्षेत्र का विस्तार करने और प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई…
मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने, कृषि क्षेत्र का विस्तार करने और प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इन क्षेत्रों के लिए लगभग 13,790 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को मंत्रालय में हुई इस कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए।
सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सौगात
राज्य सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। आगामी पांच वर्षों (2026-2031) के लिए नीमच जिले की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह, राजगढ़ जिले की सुठालिया और पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262.63 करोड़ रुपए और 507.23 करोड़ रुपए की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से कुल मिलाकर 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रदेश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
खेल और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक अहम फैसला लेते हुए 140 विधानसभा क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स' के निर्माण को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। इन खेल परिसरों के निर्माण और संचालन पर 962.50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन खेल परिसरों में एक स्थायी हेलीपैड भी बनाया जाएगा, जिससे पीएमश्री योजना के तहत हेलीकॉप्टरों का आवागमन आसान हो सकेगा।
न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
कैबिनेट ने न्यायिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय निरंतरता को मंजूरी दी है। इसमें उच्च न्यायालय, परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड का संचालन शामिल है। इसके अतिरिक्त, वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं को जारी रखने, इंदौर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में 13 नए पदों के सृजन और नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी हरी झंडी दी गई है।
इनपुट: IANS



