पुणे: कचरा प्लांट में इमारत ढहने से बड़ा हादसा, एक की मौत, 9 को बचाया गया, NDRF का रेस्क्यू जारी
पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में एक कचरा प्रबंधन संयंत्र में तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव का काम गुरुवार को भी जारी रहा। इस हादसे में अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है, जबकि 9 लोगों
पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में एक कचरा प्रबंधन संयंत्र में तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद राहत और बचाव का काम गुरुवार को भी जारी रहा। इस हादसे में अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है, जबकि 9 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा बुधवार दोपहर को हुआ जब पास में मौजूद पुराने कचरे का एक बड़ा ढेर इमारत पर आ गिरा, जिससे लगभग 18 लोग अंदर फंस गए।
हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था। बुधवार को ही 7 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जिसके बाद देर रात दो और लोगों को बचाने में कामयाबी मिली। इस तरह बचाए गए लोगों की कुल संख्या 9 हो गई है। कई एजेंसियों की टीमें अभी भी बाकी फंसे हुए लोगों की तलाश में जुटी हैं। यह इमारत वेस्ट-टू-एनर्जी (कचरे से बिजली बनाने वाले) प्लांट के ऊपर बनी थी, जिसका संचालन एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी करती है।
बचाव कार्य में बड़ी चुनौतियां
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के लिए यह बचाव अभियान बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन के कमांडेंट एसबी सिंह ने बताया कि इमारत पूरी तरह से अस्थिर हो चुकी है और करीब 45 डिग्री तक झुक गई है। इसके दोबारा गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे बचाव दल के सदस्यों की जान को भी जोखिम है।
उन्होंने कहा, "हमारी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इमारत दोबारा न गिर जाए। अगर ऐसा हुआ तो बचावकर्मी भी मलबे में फंस सकते हैं।" इसी वजह से भारी मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उनके कंपन से ढांचा और कमजोर हो सकता है। बचावकर्मी हाथों से धीरे-धीरे मलबा हटाकर और संकरे रास्तों से रेंगते हुए अंदर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका
एनडीआरएफ कमांडेंट एसबी सिंह ने जानकारी दी कि गुरुवार सुबह एक शव बरामद किया गया है, जबकि दो और शवों का पता चल गया है। उन्होंने कहा, "अब तक तीन शवों का पता चल चुका है, जिनमें से एक को बाहर निकाल लिया गया है।" उन्होंने यह भी बताया कि लाइफ डिटेक्टर, ध्वनि पहचान उपकरण और स्निफर डॉग्स जैसे आधुनिक उपकरणों से भी अब तक किसी के जीवित होने का कोई संकेत नहीं मिला है।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) ने शुरुआत में बताया था कि मलबे में 23 लोग फंसे हो सकते हैं, जिनमें से 5 लोग बचाव दल के पहुंचने से पहले ही खुद बाहर निकलने में सफल रहे थे। इस बड़े बचाव अभियान में एनडीआरएफ, भारतीय सेना, पीसीएमसी फायर ब्रिगेड, पीएमआरडीए फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मिलकर काम कर रही हैं।
इनपुट: IANS



