रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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राजस्थान: भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के अस्पतालों में 8 प्रसूताओं की मौत, गहलोत ने केंद्र से जांच की मांग की

राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जहाँ भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के अस्पतालों में कुल आठ प्रसूताओं की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भीलवाड़ा के म

राजस्थान: भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के अस्पतालों में 8 प्रसूताओं की मौत, गहलोत ने केंद्र से जांच की मांग की
(फोटो: IANS)

राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जहाँ भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के अस्पतालों में कुल आठ प्रसूताओं की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में पिछले पांच दिनों में छह महिलाओं ने दम तोड़ दिया, जबकि बांसवाड़ा में भी दो ऐसी ही दुखद घटनाएं सामने आईं। इन सभी महिलाओं का ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के जरिए प्रसव हुआ था।

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इन घटनाओं के बाद अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भीलवाड़ा अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में संक्रमण होने की बात स्वीकार की है, और अब इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इन मौतों का कारण यही संक्रमण था। भीलवाड़ा में 6 जुलाई से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें शुक्रवार को एक और महिला की जान चली गई।

जांच के आदेश और अस्पताल की हालत

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति का गठन किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल उपकरणों और मशीनों के सैंपल माइक्रोबायोलॉजी जांच के लिए भेज दिए गए हैं। साथ ही, महिलाओं को दिए गए इंजेक्शन के सैंपल भी इकट्ठे किए गए हैं। संक्रमण की खबर के बाद प्रभावित ओटी में सर्जरी रोक दी गई है और कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है।

इस बीच, अस्पताल के बुनियादी ढांचे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। खबरों के अनुसार, भीलवाड़ा के इस अस्पताल में रोजाना 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशन होते हैं, जबकि इसके लिए सिर्फ पांच सर्जिकल सेट ही उपलब्ध हैं। इससे उपकरणों को कीटाणु-मुक्त करने की प्रक्रिया और संक्रमण प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंता पैदा होती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग

इन मौतों पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरी चिंता जताते हुए इन्हें 'दिल दहलाने वाला' बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर कमियों को उजागर करता है। गहलोत ने अपने बयान में कहा, “ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की खबरों के बावजूद सिजेरियन ऑपरेशन जारी रखना और केवल पांच सर्जिकल सेट से 30-40 सर्जरी करना, साफ तौर पर भारी लापरवाही और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की बिगड़ती हालत को दिखाता है।”

उन्होंने कहा कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा के हालात भी चिंताजनक हैं और ऐसा लगता है कि “भाजपा सरकार ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भगवान भरोसे छोड़ दिया है?” गहलोत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को टैग करते हुए मांग की कि मंत्रालय को तुरंत एक विशेषज्ञ टीम भेजकर राज्य के अस्पतालों का जायजा लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सही कारणों का पता चल पाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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