रविवार, 20 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

तमिलनाडु: उपचुनाव से PMK की दूरी, क्या AIADMK से गठबंधन टूटने और TVK से नई दोस्ती के हैं संकेत?

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) पार्टी ने आगामी विधानसभा उपचुनावों से खुद को अलग कर लिया है, जिससे AIADMK के साथ उसके गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े…

तमिलनाडु: उपचुनाव से PMK की दूरी, क्या AIADMK से गठबंधन टूटने और TVK से नई दोस्ती के हैं संकेत?
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) पार्टी ने आगामी विधानसभा उपचुनावों से खुद को अलग कर लिया है, जिससे AIADMK के साथ उसके गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, PMK अब सत्ताधारी दल 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के साथ जाने की संभावनाएं तलाश सकती है।

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यह पूरा घटनाक्रम 2026 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच हो रहा है, जहां TVK ने कई पारंपरिक गठबंधनों को तोड़कर सरकार बनाई थी। अब PMK के इस कदम ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

उपचुनाव से दूरी और गठबंधन में दरार

PMK अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनावों में न तो कोई उम्मीदवार उतारेगी और न ही किसी दल का समर्थन करेगी। ये दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। यह फैसला पार्टी के राज्य-स्तरीय पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद लिया गया। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा सहयोगी होने के नाते PMK से AIADMK उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने की उम्मीद थी।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि PMK नेतृत्व इस बात से नाराज़ था कि AIADMK ने उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करने से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली। PMK के प्रचार से हटने को AIADMK के लिए एक झटका माना जा रहा है, खासकर मदुरंतकम सीट पर, जहां PMK का अच्छा प्रभाव है।

TVK की ओर झुकाव के कारण

PMK के भीतर यह माना जा रहा है कि अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली TVK के उदय ने राज्य की पारंपरिक द्वि-ध्रुवीय राजनीति (DMK बनाम AIADMK) को कमजोर कर दिया है। पार्टी नेतृत्व अब नए विकल्पों पर विचार करने के लिए तैयार है।

इसके अलावा, TVK सरकार द्वारा जाति जनगणना कराने के फैसले ने भी PMK कार्यकर्ताओं में सकारात्मक माहौल बनाया है, क्योंकि यह उनकी एक लंबे समय से चली आ रही मांग थी। पार्टी के एक खेमे का मानना ​​है कि TVK के साथ गठबंधन करने से न केवल उनकी चुनावी संभावनाएं बेहतर होंगी, बल्कि राज्य कैबिनेट में भी जगह मिल सकती है।

अटकलों का बाज़ार गर्म

हाल ही में दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच हुई मुलाकातों ने इन अटकलों को और हवा दी है। अंबुमणि रामदास की पत्नी सौम्या अंबुमणि ने जल संसाधन प्रबंधन मंत्री एन. आनंद से मिलकर राज्य की जल परियोजनाओं पर चर्चा की। जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबुमणि रामदास से पूछा गया कि क्या PMK अभी भी AIADMK गठबंधन का हिस्सा है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई।

सूत्रों के अनुसार, PMK नेतृत्व कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनावों के नतीजों का इंतजार करेगा। गठबंधन पर कोई भी आधिकारिक घोषणा इन नतीजों के बाद ही होने की उम्मीद है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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