SCO समिट: प्रधानमंत्री मोदी ने ताजिकिस्तान और लाओस के राष्ट्रपतियों से की द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित इस सम्मेलन से इतर उन्होंने ताजिकिस्तान…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित इस सम्मेलन से इतर उन्होंने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन और लाओस के राष्ट्रपति थोंगलोउन सिसोउलिथ से अलग-अलग मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आपसी संबंधों को और मजबूत करना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन मुलाकातों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। लाओस के राष्ट्रपति के साथ अपनी बातचीत पर उन्होंने लिखा, "बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान लाओ पीडीआर के राष्ट्रपति थोंगलोउन सिसोउलिथ से मुलाकात की। हमारी दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर अच्छी बातचीत हुई।"
इसी तरह, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा, "तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान के साथ अच्छी बातचीत हुई। भारत विभिन्न क्षेत्रों में ताजिकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक है।"
शिखर सम्मेलन में भारत का संदेश
इन द्विपक्षीय वार्ताओं से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में हिस्सा लिया और उसे संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक शांति और स्थिरता पर भारत के पक्ष को दृढ़ता से रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विवादों का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
पश्चिम एशिया के संकट का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा, "किसी एक क्षेत्र का संघर्ष वहीं तक सीमित नहीं रहता। उसका प्रभाव पूरे विश्व की ऊर्जा सुरक्षा, मैरीटाइम ट्रेड और सप्लाई चेन्स पर पड़ता है।" उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके फंडिंग, भर्ती व कट्टरपंथ के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं हो सकती।
इनपुट: IANS



