शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

भारत-जापान बैठक: पूर्वी चीन सागर से लेकर यूक्रेन तक, कई वैश्विक मुद्दों पर साझा चिंता जताई गई

भारत और जापान ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में हुई एक अहम

भारत-जापान बैठक: पूर्वी चीन सागर से लेकर यूक्रेन तक, कई वैश्विक मुद्दों पर साझा चिंता जताई गई
(फोटो: IANS)

भारत और जापान ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामक गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में हुई एक अहम बैठक में दोनों देशों ने समुद्री क्षेत्र में किसी भी 'एकतरफा कार्रवाई' का कड़ा विरोध करने पर सहमति जताई।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को हुई इस बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेता ऐसी किसी भी कोशिश का विरोध करते हैं जो ताकत या दबाव के जरिए मौजूदा स्थिति को बदलने का प्रयास करती हो या समुद्री और हवाई आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरे में डालती हो।

समुद्री और परमाणु सुरक्षा पर जोर

दोनों प्रधानमंत्रियों ने विवादित क्षेत्रों में बढ़ते सैन्यीकरण पर भी गंभीर चिंता जताई। बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि समुद्री विवादों का समाधान संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून समझौते (UNCLOS) के तहत अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार और शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का मुद्दा भी उठा। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों के अनुरूप उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से UNSC द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने की अपील की, जिसमें उत्तर कोरिया को हथियारों की आपूर्ति या खरीद पर रोक भी शामिल है।

एशिया और मध्य-पूर्व के हालात पर चर्चा

म्यांमार की स्थिति और इसके क्षेत्रीय प्रभावों पर भी दोनों नेताओं ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने म्यांमार में तत्काल हिंसा रोकने और सभी पक्षों के बीच बातचीत के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने का आह्वान किया, ताकि एक स्थायी शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।

मध्य-पूर्व के संदर्भ में, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। दोनों नेताओं ने गाजा के पुनर्निर्माण और दो-राष्ट्र समाधान (टू-स्टेट सॉल्यूशन) की दिशा में कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने की जरूरत पर भी सहमति जताई।

यूक्रेन में स्थायी शांति का समर्थन

बैठक में यूक्रेन के हालात पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री ताकाइची ने यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने का समर्थन किया। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत किया।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →