शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी में गिनाए व्यापार और निवेश के फायदे

भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस साल के अंत तक होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बर्लिन में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसके दूरगामी फायदों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह…

भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी में गिनाए व्यापार और निवेश के फायदे
(फोटो: IANS)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस साल के अंत तक होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बर्लिन में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसके दूरगामी फायदों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता बाजार पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और व्यापार तथा निवेश के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को बर्लिन में गोयल ने भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक 'सार्थक चर्चा' की।

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इस दौरान उन्होंने भारत-जर्मनी साझेदारी की बढ़ती रफ्तार और इससे भारतीय उद्योग के लिए पैदा हो रहे मौकों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कारोबारियों, विशेषकर MSMEs से आग्रह किया कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और अपने जर्मन समकक्षों के साथ स्थायी साझेदारी बनाएं। उन्होंने कपड़ा, फार्मा, इंजीनियरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया।

गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बातचीत का ब्योरा देते हुए लिखा, "प्रतिनिधिमंडल से गुणवत्ता, अनुपालन और विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि एक ऐसे देश के रूप में भारत की साख मजबूत हो जो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है और एक ऐसा साझेदार है जिस पर दुनिया भरोसा कर सकती है।"

अनुसंधान और नवाचार में सहयोग

अपनी यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने बर्लिन में जर्मनी के प्रमुख शोध संगठनों के प्रमुखों के साथ एक गोलमेज बैठक भी की। उन्होंने बताया, "रिसर्च, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत-जर्मनी सहयोग बढ़ाने पर विचार साझा किए।" इस चर्चा में एडवांस्ड मटेरियल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में संयुक्त प्रयासों को तेज करने के साथ-साथ दोनों देशों के शोध संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

गोयल ने कहा कि जर्मन की सटीक तकनीक और भारत की कुशल प्रतिभा मिलकर किफायती लागत पर नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, "कौशल विकास के लिए भारत के समर्पित प्रयासों के साथ, शोधकर्ताओं, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट में हमारी साझेदारी को गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं।"

विकसित भारत के लिए योगदान का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने बर्लिन में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधार्थियों तथा छात्रों से भी मुलाकात की। उन्होंने विदेश में भारतीय प्रतिभाओं के लिए समर्थन प्रणाली को मजबूत करने पर उनके विचार सुने और उनसे 'विकसित भारत' की यात्रा में अपने-अपने तरीके से योगदान जारी रखने का आग्रह किया। गोयल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में मंच प्रदान किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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