यूरोपीय रिपोर्ट का दावा: सीमा-पार आतंकवाद से भारत को अस्थिर कर रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान द्वारा सीमा-पार आतंकी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिए जाने से पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दशकों से जारी इस छद्म युद्ध…
पाकिस्तान द्वारा सीमा-पार आतंकी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिए जाने से पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दशकों से जारी इस छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) ने भारत पर भारी आर्थिक बोझ डाला है, लेकिन भारतीय लोगों और संस्थाओं की दृढ़ता ने देश को इन दबावों का सामना करने में सक्षम बनाया है।
ब्रसेल्स से प्रकाशित 'यूरोपियन टाइम्स' की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद को भारत को कमजोर करने के लिए "एक हथियार और लंबे समय तक चलने वाले युद्ध" के रूप में इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह त्रासदी पाकिस्तान की उस सोची-समझी रणनीति का नतीजा है, जिसका मकसद भारत के संसाधनों को खत्म करना और उसे अस्थिर बनाए रखना है।
आतंकी नेटवर्क और ISI की भूमिका
रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान की सेना ने भारत को एक काल्पनिक खतरा मानते हुए उग्रवादी नेटवर्क तैयार किए, जिन्हें पनाह, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिकल मदद दी गई। इन नेटवर्कों में शुरुआत में कश्मीरी युवाओं को भर्ती किया गया, लेकिन बाद में अफगान-सोवियत युद्ध में शामिल रहे विदेशी लड़ाके भी इसका हिस्सा बन गए।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) की मदद से इन लड़ाकों को कैंपों में हथियार चलाने, विस्फोटक इस्तेमाल करने और गुरिल्ला युद्ध जैसी ट्रेनिंग दी जाती थी। रिपोर्ट के अनुसार, आईएसआई के चैनलों, हमदर्द दानदाताओं और नशीले पदार्थों की तस्करी के जरिए इन समूहों तक हथियार और फंड पहुंचाए जाते थे। साथ ही, घुसपैठियों को नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने में पाकिस्तानी सेना से कथित तौर पर सैन्य सुरक्षा भी मिलती थी।
भारत पर हुए बड़े आतंकी हमले
इस रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों द्वारा भारत में किए गए कई बड़े हमलों का भी जिक्र किया गया है। इनमें कुछ प्रमुख हमले इस प्रकार हैं:
- 2001 संसद हमला: जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों द्वारा अंजाम दिया गया यह हमला भारतीय लोकतंत्र के केंद्र पर प्रहार था।
- 2008 मुंबई हमला: पाकिस्तान में रची गई इस साजिश में 166 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए, जिससे मुंबई तीन दिनों तक युद्ध क्षेत्र बना रहा।
- 2016 उरी हमला: इस हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद हुए, जिसके जवाब में भारत ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की।
- 2019 पुलवामा हमला: सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।
रिपोर्ट में 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख है, जिसमें एक पाकिस्तानी आतंकी समूह ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सामाजिक और आर्थिक कीमत
रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि लगातार आतंकी अभियानों के बावजूद भारत की मजबूती निर्विवाद है। हालांकि, इन हमलों ने समाज पर मानसिक आघात और आर्थिक बोझ के रूप में गहरा असर डाला है। रिपोर्ट के शब्दों में, "आतंकवाद ने कई पीढ़ियों को गहरे जख्म दिए हैं, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को बदला है और विकास व स्थिरता के लिए भारी कीमत वसूली है।"
इनपुट: IANS



