बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमला: 30 से ज़्यादा नागरिकों की मौत का दावा, मानवाधिकार संगठनों ने की निंदा

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक सैन्य हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज़्यादा आम नागरिकों के मारे जाने की खबर है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना सुराब जिले के गिदर इलाके में…

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमला: 30 से ज़्यादा नागरिकों की मौत का दावा, मानवाधिकार संगठनों ने की निंदा
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक सैन्य हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज़्यादा आम नागरिकों के मारे जाने की खबर है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना सुराब जिले के गिदर इलाके में बुधवार को हुई। इस हमले के बाद बलूच कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे 'नरसंहार' बताया है।

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स्थानीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना ने आम नागरिकों के इलाकों पर “जबरदस्त बमबारी” की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले में कई लोग घायल हुए और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुँचा है।

सेना पर गंभीर आरोप

मीर यार बलूच ने दावा किया कि बमबारी वाले इलाकों के अस्पतालों को सेना ने घेर लिया है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, “ये लोग चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ को डरा-धमका कर पीड़ितों का इलाज करने से रोक रहे हैं।” रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि कुछ घायलों की मौत समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाने के कारण हुई। साथ ही, इलाके में ड्रोन और कोबरा गनशिप हेलीकॉप्टरों की लगातार गश्त की बात भी सामने आई है।

जांच और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

इस घटना की निंदा करते हुए बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबिहा बलूच ने कहा, “यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान कैसे बेगुनाह बलूचों (जिसमें बच्चे भी शामिल हैं) की हत्या कर अपने होने का एहसास कराता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सेना ने इलाके को घेरकर बचाव टीमों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और पत्रकारों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जो एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है।

वहीं, एक अन्य मानवाधिकार संस्था 'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' (बीवीजे) ने इस हमले की तत्काल, स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में जांच की मांग की है। बीवीजे ने एक बयान में कहा, “मारे गए और घायल हुए लोगों की पहचान और जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।” संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों से बलूचों पर हो रहे “अत्याचारों और युद्ध अपराधों” पर चुप न रहने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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