गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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ओडिशा में बाढ़ का कहर: 3 लोगों की मौत, दो लाख से ज़्यादा आबादी प्रभावित

ओडिशा के कई जिले भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम तीन…

ओडिशा में बाढ़ का कहर: 3 लोगों की मौत, दो लाख से ज़्यादा आबादी प्रभावित
(फोटो: IANS)

ओडिशा के कई जिले भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम तीन लोगों की जान जा चुकी है और दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

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बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में देखने को मिला है। इन जिलों के 44 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले 748 गांव और 243 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़ और मलकानगिरी समेत कई अन्य जिलों के कुछ हिस्सों पर भी बारिश का असर पड़ा है।

जान-माल का नुक़सान और राहत कार्य

मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि तीनों मौतें क्योंझर जिले में हुई हैं। मृतकों में एक नाबालिग भी शामिल है, जिसकी बाढ़ के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई। एक अन्य घटना में, घर की दीवार गिरने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। तीसरे मृतक फायर सर्विस के कर्मचारी चंदन पटनायक थे, जिनकी पानी निकालने के अभियान के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई।

प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित छह जिलों के निचले इलाकों से लगभग 30,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। इन शिविरों में लोगों को पका हुआ भोजन मुहैया कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों के लिए पर्याप्त बेबी फूड और बुजुर्गों व महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

मौजूदा स्थिति और नदियों का जलस्तर

बुधवार दोपहर तक राज्य के 226 गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ था। हालांकि, कुछ जगहों पर, खासकर बालासोर जिले में, जलस्तर में कमी आने लगी है, जिसके बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।

नदियों की स्थिति पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश फिर से शुरू हो गई है। फिलहाल, हीराकुंड बांध के दो गेट खुले हैं और जलाशय का जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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