मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ब्रिटेन के प्रतिबंध से नाराज़ उत्तर कोरिया ने तोड़ा राजनयिक रिश्ता, लंदन से राजदूत वापस बुलाया

उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन के खिलाफ़ एक बड़ा राजनयिक कदम उठाते हुए लंदन स्थित अपने दूतावास का दर्जा घटा दिया है। प्योंगयांग ने यह फैसला ब्रिटेन द्वारा उसके एक चिल्ड्रन्स कैंप पर प्रतिबंध लगाए जाने के…

ब्रिटेन के प्रतिबंध से नाराज़ उत्तर कोरिया ने तोड़ा राजनयिक रिश्ता, लंदन से राजदूत वापस बुलाया
(फोटो: IANS)

उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन के खिलाफ़ एक बड़ा राजनयिक कदम उठाते हुए लंदन स्थित अपने दूतावास का दर्जा घटा दिया है। प्योंगयांग ने यह फैसला ब्रिटेन द्वारा उसके एक चिल्ड्रन्स कैंप पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन की इस कार्रवाई को 'राजनीतिक रूप से उकसावे वाली कार्रवाई' बताया है।

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उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि राजदूत मुन म्योंग-सिन को वापस बुला लिया गया है और अब उन्हें नई जिम्मेदारी दी जाएगी। उनकी अनुपस्थिति में 'चार्ज डी अफेयर्स' (कार्यवाहक प्रमुख) लंदन में दूतावास का कामकाज संभालेंगे।

प्रतिबंध क्यों और विवाद क्या है?

यह पूरा विवाद ब्रिटेन के उस आरोप से शुरू हुआ जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया का सोंगडोवन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स कैंप यूक्रेनी बच्चों के जबरन विस्थापन और उन्हें वैचारिक रूप से प्रभावित करने में रूस की मदद कर रहा है। प्योंगयांग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उत्तर कोरिया का कहना है कि ब्रिटेन एक आधारहीन मामले से उसके चिल्ड्रन्स कैंप को जोड़कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। प्योंगयांग ने यह भी आरोप लगाया कि इस कदम का मकसद रूस के साथ उसके संबंधों को कमजोर करना है।

सोंगडोवन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स कैंप की स्थापना 1960 में हुई थी। उत्तर कोरिया में इस शिविर का इस्तेमाल लंबे समय से युवाओं में सरकार और आधिकारिक विचारधारा के प्रति निष्ठा को बढ़ावा देने के लिए किया जाता रहा है। इसी साल जुलाई में, चीन और रूस के बच्चे भी वोंसान शहर के इस कैंप में शामिल हुए थे, जिसे तीनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का संकेत माना गया था।

सेना में भी बड़ा फेरबदल

इस बीच, उत्तर कोरिया ने अपने वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व में भी फेरबदल किया है। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किम सोंग-गी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक, उन्होंने नो क्वांग-चोल की जगह ली है। यह फैसला वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (डब्ल्यूपीके) की केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता नेता किम जोंग-उन ने की थी।

इनपुट: IANS

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