अमेरिका में हिंसा: पेंसिल्वेनिया में 9 लोगों की हत्या, मिनेसोटा में मॉल पर हमले की साज़िश नाकाम
अमेरिका में हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जहाँ एक तरफ पेंसिल्वेनिया में एक गोलीबारी में दो बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर मिनेसोटा…
अमेरिका में हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जहाँ एक तरफ पेंसिल्वेनिया में एक गोलीबारी में दो बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर मिनेसोटा में सुरक्षा एजेंसियों ने 'मॉल ऑफ अमेरिका' पर एक बड़े आतंकी हमले की साज़िश को नाकाम कर दिया है।
पेंसिल्वेनिया के एरी शहर में शुक्रवार शाम को हुई इस दुखद घटना में हमलावर ने भी खुद को गोली मारकर जान दे दी। पुलिस को पेरी स्ट्रीट पर बुलाया गया था, जहाँ पहुँचने पर उन्हें सड़क पर दो महिलाओं के शव मिले। बाद में, एक घर के अंदर और भी शव पाए गए। एरी शहर के अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की कि पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही सभी नौ लोगों की मौत हो चुकी थी।
गोलीबारी की वजह अब तक साफ़ नहीं
चश्मदीदों ने बताया कि एक व्यक्ति ने घर में घुसने से पहले अपनी बंदूक से गोलियाँ चलाईं। पुलिस ने मारे गए लोगों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की है और न ही इस हमले के पीछे के संभावित मकसद के बारे में कोई जानकारी दी है। पुलिस के पहुँचने के बाद कोई और गोली नहीं चली।
मॉल पर हमले की साज़िश
एक अन्य मामले में, मिनेसोटा के एक 18 वर्षीय युवक पर इस्लामिक स्टेट के समर्थन में अमेरिका के सबसे बड़े शॉपिंग सेंटर 'मॉल ऑफ अमेरिका' पर हमले की योजना बनाने का आरोप लगा है। कोर्ट के दस्तावेज़ों के मुताबिक, शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद नाम के इस युवक पर हथियार से जुड़े अपराध का आरोप तय किया गया है।
FBI के हलफनामे के अनुसार, मोहम्मद ने मॉल में गोलीबारी की योजना बनाई थी और जुलाई में कथित तौर पर 30 से 60 लोगों की जान लेने की बात की थी। उसने हमले के लिए 24 अक्टूबर की तारीख भी तय की थी। FBI ने दिसंबर 2024 में उसकी जाँच शुरू की थी। उसे मंगलवार को तब गिरफ्तार किया गया, जब उसने एक अंडरकवर FBI कर्मचारी को एके-47 राइफल और गोलियों के लिए 600 डॉलर दिए। सुरक्षा के लिहाज़ से राइफल को निष्क्रिय कर दिया गया था, लेकिन गोला-बारूद असली था। उसकी शुरुआती सुनवाई 19 अक्टूबर को होनी है।
इनपुट: IANS



