कोलकाता गोदाम हादसा: NHRC ने स्वतः संज्ञान लिया, बंगाल सरकार और पुलिस को नोटिस जारी
कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस हादसे में 16 मजदूरों की जान चली गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। समाचार
कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस हादसे में 16 मजदूरों की जान चली गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन का एक गंभीर मामला मानते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और म्युनिसिपल कमिश्नर को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने इन अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। NHRC ने उम्मीद जताई है कि इस रिपोर्ट में जांच की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ मृतकों के परिवारों और घायलों को दिए गए मुआवजे का पूरा ब्योरा भी शामिल होगा।
घटना और प्रशासनिक कार्रवाई
यह दर्दनाक घटना 24 जून को घटी थी, जब निर्माणाधीन गोदाम के लोहे के ढांचे की कंक्रीट कास्टिंग अचानक ढह गई। इसके चलते निर्माण स्थल पर काम कर रहे करीब 40 मजदूर मलबे में दब गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में इस हादसे की वजह मंजूर किए गए बिल्डिंग प्लान में खामियों को बताया गया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए कोलकाता नगर निगम ने एक 'ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (ओएसडी) को निलंबित कर दिया है। उक्त अधिकारी को इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वह 72 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहा।
सरकार द्वारा मुआवजे की घोषणा
हादसे के बाद राज्य और केंद्र दोनों सरकारों ने मुआवजे का ऐलान किया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को राज्य के खजाने से 10-10 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और हर घायल व्यक्ति को 50,000 रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की।
इनपुट: IANS



