नेपाल में बाढ़ की तबाही: राष्ट्रपति पौडेल ने दुनिया से जलवायु न्याय के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए भारी जान-माल के नुकसान के बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक अहम अपील की है। सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने…
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए भारी जान-माल के नुकसान के बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक अहम अपील की है। सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने नेपाल जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील देशों के लिए जलवायु न्याय सुनिश्चित करने हेतु ठोस और प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि इस आपदा ने एक बार फिर हिमालयी पर्यावरण की अत्यधिक नाजुकता को उजागर कर दिया है।
राष्ट्रपति पौडेल का यह बयान 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई प्रलयंकारी बाढ़ के संदर्भ में आया है। इस आपदा ने देश में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, जिसमें घर, सड़कें, पुल और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, इस बाढ़ में अब तक 1,356 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4,994 लोग अभी भी लापता हैं।
पुनर्निर्माण और विकास मॉडल पर पुनर्विचार
राष्ट्रपति ने कहा, "यह आपदा न केवल हमारे हिमालयी पर्यावरण की असाधारण नाजुकता को दर्शाती है, बल्कि इसने हमें लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के बारे में एक बार फिर गंभीरता से अवगत कराया है।" उन्होंने सुझाव दिया कि पुनर्निर्माण, पुनर्वास और आर्थिक सुधार की प्रक्रिया शुरू करते समय नेपाल को इस आपदा से सबक लेना चाहिए और अपने विकास के मॉडल पर भी पुनर्विचार करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान बहुत कम होने के बावजूद देश जलवायु परिवर्तन से जुड़े गंभीर खतरों का सामना कर रहा है। इसे रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे केवल संवेदनशील देशों की चिंताओं को सुनें ही नहीं, बल्कि जलवायु संकट और इसके परिणामों से निपटने के लिए सार्थक कार्रवाई भी करें। उन्होंने आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का धन्यवाद भी किया। भारत, चीन समेत कई देश इस आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आर्थिक, भौतिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



