नेपाल: बाढ़ में 12 हाइड्रो प्रोजेक्ट्स तबाह, फिर भी भारत को बिजली बेचकर कमाए करीब 6 अरब रुपये
बाढ़ की मार झेल रहे नेपाल ने बिजली निर्यात के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है. देश में 12 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचने के बावजूद, चालू वित्त वर्ष के तीसरे महीने में भारत को बिजली…
बाढ़ की मार झेल रहे नेपाल ने बिजली निर्यात के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है. देश में 12 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचने के बावजूद, चालू वित्त वर्ष के तीसरे महीने में भारत को बिजली बेचकर करीब 5.93 अरब नेपाली रुपये (NPR) की कमाई की गई है. समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एक बड़ी वृद्धि है.
नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के तीसरे महीने 'आश्विन' (मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर) के दौरान भारत को 633.99 मिलियन यूनिट बिजली का निर्यात किया गया. यह कमाई पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के इसी महीने के 4.96 अरब NPR की तुलना में 962 मिलियन NPR अधिक है. इतना ही नहीं, यह पिछले महीने 'भाद्र' (मध्य अगस्त-मध्य सितंबर) के 5.09 अरब NPR के मुकाबले भी 832.5 मिलियन NPR ज़्यादा है.
बाढ़ का असर और निर्यात की बहाली
यह उल्लेखनीय वृद्धि 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दर्ज की गई है, जिससे बिजली उत्पादन और निर्यात पर असर पड़ा था. विश्व बैंक की 'नेपाल डेवलपमेंट अपडेट' रिपोर्ट बताती है कि बाढ़ से कुल 12 जलविद्युत परियोजनाएं (चालू और निर्माणाधीन) प्रभावित हुईं. इनमें से सात चालू प्रोजेक्ट थे, जिनमें से तीन को भारत और बांग्लादेश को बिजली निर्यात करने की मंजूरी मिली हुई थी.
बाढ़ के कारण रसुवा में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में जलस्तर बढ़ने से त्रिशूली और चिलिमे जैसे प्रमुख संयंत्रों को नुकसान पहुंचा था. इससे बांग्लादेश और हरियाणा को होने वाली बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हो गई थी. हालांकि, NEA ने बताया कि भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को वैकल्पिक संयंत्रों से बांग्लादेश को बिजली निर्यात फिर से शुरू कर दिया गया है.
कैसे होती है भारत को बिजली की बिक्री
NEA के प्रबंध निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने बताया, "असोज (आश्विन) महीने में भारत को निर्यात की गई बिजली का लगभग दो-तिहाई हिस्सा द्विपक्षीय समझौतों के तहत बेचा गया, जबकि बाकी का व्यापार एनर्जी एक्सचेंज के जरिए हुआ." नेपाल अपनी घरेलू मांग पूरी करने के बाद बारिश के मौसम में अतिरिक्त बिजली का निर्यात करता है. भारत के हरियाणा और बिहार राज्यों को द्विपक्षीय समझौतों के तहत जून से अक्टूबर तक बिजली दी जाती है, जबकि शेष बिजली 'इंडियन एनर्जी एक्सचेंज' के 'डे-अहेड' और 'रियल-टाइम' बाजारों में बेची जाती है.
एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत नेपाल भारतीय ट्रांसमिशन ढांचे का उपयोग करके बांग्लादेश को 40 मेगावाट तक बिजली निर्यात कर सकता है. इस बीच, भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने नेपाल से 31 मेगावाट अतिरिक्त बिजली के निर्यात को मंजूरी दे दी है, जिससे कुल स्वीकृत निर्यात क्षमता बढ़कर लगभग 1,179 मेगावाट हो गई है.
इनपुट: IANS



