नेपाल: भोटेकोशी बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार का राहत पैकेज, टैक्स और आयात शुल्क में मिलेगी बड़ी छूट
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित व्यवसायों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने एक व्यापक आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में नेपाल-चीन सीमा…
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित व्यवसायों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने एक व्यापक आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में बाढ़ से तबाह हुए उद्योगों, व्यापारियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए कई रियायतों को मंज़ूरी दी गई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य कारोबारियों को अपना काम फिर से शुरू करने में मदद करना है।
इस आपदा में गुरुवार शाम तक 1,259 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 5,083 लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे में सरकार के इस कदम को एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
आयात और सीमा शुल्क में राहत
पैकेज के तहत, जिन कारोबारियों के वाणिज्यिक वाहन या परिवहन उपकरण बाढ़ में बह गए हैं या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें बड़ी राहत दी गई है। वे अपने पुराने क्षतिग्रस्त वाहनों का पंजीकरण रद्द कराने के बाद बिना कोई सीमा शुल्क चुकाए उसी तरह के नए वाहन और उपकरण आयात कर सकेंगे। इसी तरह, जिन व्यवसायों के प्लांट, मशीनरी और अन्य साजो-सामान नष्ट हो गए हैं, उन्हें भी उसी प्रकार और मात्रा में बिना सीमा शुल्क दिए आयात करने की अनुमति होगी। सरकार ने उन आयातों पर भी राहत दी है जिनका माल बाढ़ के कारण गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो गया। आयातक छह महीने के भीतर पहले चुकाए गए सीमा शुल्क के बराबर की राशि को अपने अगले आयात में समायोजित करा सकेंगे।
टैक्स, लोन और बीमा में रियायतें
बाढ़ प्रभावित करदाताओं को भी पैकेज में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। टैक्स रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान की समय-सीमा मध्य अक्टूबर से बढ़ाकर 11 नवंबर कर दी गई है। साथ ही, कंपनियों को अपनी नष्ट हुई व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्य को टैक्स कटौती के लिए एकमुश्त खर्चे के रूप में दिखाने की अनुमति होगी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, देश का केंद्रीय बैंक प्रभावित व्यवसायों के लिए ऋण पुनर्गठन (loan restructuring) और पुनर्निर्धारण की व्यवस्था भी करेगा। मंत्रालय ने बताया कि रासुवा सीमा शुल्क के माध्यम से आयातित सामान का नुकसान झेलने वाले कर्जधारक, अपने कारोबार की प्रकृति और नुकसान के आधार पर लोन रीशेड्यूलिंग की मांग कर सकते हैं। इसके अलावा, नेपाल के बीमा प्राधिकरण को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे दावों की प्रक्रिया को सरल बनाएं और मुआवजे का भुगतान तेजी से करें।
इनपुट: IANS



