बिजली निर्यात में नेपाल का नया कीर्तिमान, भारत और बांग्लादेश को बेचकर की रिकॉर्ड कमाई
नेपाल ने वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली निर्यात से अपनी अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक आय दर्ज की है। मानसून के दौरान अपने अतिरिक्त जलविद्युत उत्पादन को भारत और बांग्लादेश को बेचकर देश ने 29.32 अरब नेपाली…
नेपाल ने वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली निर्यात से अपनी अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक आय दर्ज की है। मानसून के दौरान अपने अतिरिक्त जलविद्युत उत्पादन को भारत और बांग्लादेश को बेचकर देश ने 29.32 अरब नेपाली रुपए की रिकॉर्ड कमाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह आय पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 67.96 प्रतिशत अधिक है, जो क्षेत्रीय ऊर्जा बाज़ार में नेपाल की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2024-25 में नेपाल ने बिजली बेचकर 17.46 अरब नेपाली रुपए कमाए थे। नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के आँकड़ों के मुताबिक, देश का कुल बिजली निर्यात पिछले साल के 2.3829 अरब यूनिट से बढ़कर इस साल 3.877 अरब यूनिट हो गया है। यह रिकॉर्ड आय औसतन 7.56 नेपाली रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने पर हासिल हुई।
निर्यात में उछाल, आयात में गिरावट
एक तरफ जहाँ नेपाल की बिजली निर्यात से होने वाली कमाई में भारी वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर बिजली आयात पर उसकी निर्भरता कम हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में बिजली का आयात 31.57 प्रतिशत घटकर 1.1498 अरब यूनिट रह गया, जिस पर 10.56 अरब नेपाली रुपए खर्च हुए। यह पिछले वर्ष के 12.92 अरब नेपाली रुपए के खर्च से 18.29 प्रतिशत कम है। इन आँकड़ों के साथ नेपाल ने 18.76 अरब नेपाली रुपए का शुद्ध बिजली व्यापार अधिशेष हासिल किया है।
भारत के साथ मज़बूत ऊर्जा साझेदारी
भारत नेपाल की बिजली का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। नेपाल इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के डे-अहेड और रियल-टाइम मार्केट के अलावा एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम (NVVN) के साथ हुए दीर्घकालिक समझौते के तहत भारत को बिजली बेचता है। इसी के साथ, भारत के ट्रांसमिशन ग्रिड के ज़रिए ही नेपाल, बांग्लादेश को भी बिजली निर्यात कर रहा है। बांग्लादेश वर्तमान में इस व्यवस्था के तहत 40 मेगावाट बिजली का आयात करता है।
नेपाल को भारत के बिजली बाज़ार में प्रवेश की अनुमति पहली बार 2021 में मिली थी, जब उसे सिर्फ़ 39 मेगावाट बिजली बेचने की मंजूरी थी। अब यह सीमा मानसून के मौसम में बढ़कर 1,000 मेगावाट से ज़्यादा हो गई है। हाल ही में हुई नेपाल-भारत संयुक्त संचालन समिति की 13वीं बैठक में दोनों देशों ने सीमा पार बिजली व्यापार को और बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत ढल्केबर-मुजफ्फरपुर और ढल्केबर-सीतामढ़ी ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से नेपाल, भारत को 1,650 मेगावाट तक बिजली निर्यात और ज़रूरत पड़ने पर 1,400 मेगावाट तक आयात कर सकेगा।
इनपुट: IANS



