मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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UPI का दबदबा: देश में 55 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स, लेनदेन का आँकड़ा 314 लाख करोड़ रुपये के पार

भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि इस प्लेटफॉर्म से अब तक 55.49 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स जुड़…

UPI का दबदबा: देश में 55 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स, लेनदेन का आँकड़ा 314 लाख करोड़ रुपये के पार
(फोटो: IANS)

भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि इस प्लेटफॉर्म से अब तक 55.49 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स जुड़ चुके हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के ज़रिए हुए लेनदेनों का कुल मूल्य 314.23 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाता है।

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लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पिछले पाँच सालों के आँकड़े पेश किए, जिनसे पता चलता है कि UPI के इस्तेमाल में लगातार और तेज़ बढ़ोतरी हुई है। आँकड़ों के मुताबिक, हर साल न सिर्फ़ लेनदेन की संख्या बढ़ी है, बल्कि उनके ज़रिए होने वाली कुल रकम में भी भारी इज़ाफ़ा हुआ है।

लगातार बढ़ता UPI का ग्राफ़

पिछले पाँच वित्त वर्षों में UPI के लेनदेन का सफ़र कुछ इस तरह रहा है:

  • वित्त वर्ष 2021-22: 4,595.61 करोड़ लेनदेन (कुल मूल्य: 84.16 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2022-23: 8,371.44 करोड़ लेनदेन (कुल मूल्य: 139.15 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2023-24: 13,112.95 करोड़ लेनदेन (कुल मूल्य: 199.95 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2024-25: 18,586.60 करोड़ लेनदेन (कुल मूल्य: 260.56 लाख करोड़ रुपये)
  • वित्त वर्ष 2025-26: 24,161.69 करोड़ लेनदेन (कुल मूल्य: 314.23 लाख करोड़ रुपये)

दुनिया भर में पहुँच बना रहा UPI

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि UPI की वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने के लिए NPCI की एक सहायक कंपनी, NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL), लगातार काम कर रही है। अप्रैल 2020 में स्थापित यह कंपनी विदेशी संस्थाओं के साथ साझेदारी कर UPI और RuPay कार्ड जैसी भारतीय भुगतान प्रणालियों को दूसरे देशों में लागू कर रही है। इन साझेदारियों का दोहरा फ़ायदा है — भारतीय पर्यटकों और प्रवासियों को विदेश में आसानी से डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिलती है, और साझेदार देशों को भी भारत की तरह एक मज़बूत रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बनाने में मदद मिलती है।

सुरक्षा पर सरकार का ज़ोर

सरकार, रिज़र्व बैंक (RBI) और NPCI ने UPI को और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। धोखाधड़ी रोकने के लिए जोखिम के आधार पर ट्रांजैक्शन की सीमा तय करना, मोबाइल नंबर के अनधिकृत बदलावों से सुरक्षा और UPI ऐप्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू करना इनमें शामिल है। इसके अलावा, NPCI ने एक व्यापक सुरक्षा ढाँचा भी जारी किया है, जिसके तहत UPI इकोसिस्टम को ज़्यादा मज़बूत और सुरक्षित बनाने के लिए उन्नत उपाय अनिवार्य किए गए हैं।

इनपुट: IANS

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