एसडीएम को थप्पड़ मारने का मामला: निर्दलीय नेता नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत
देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एक एसडीएम को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के चर्चित मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा को एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मंगलवार को दिए अपने फैसले में…
देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एक एसडीएम को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के चर्चित मामले में निर्दलीय नेता नरेश मीणा को एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मंगलवार को दिए अपने फैसले में जस्टिस अनिल उपमन ने मीणा को कुछ कड़ी शर्तों के साथ यह राहत दी।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मीणा को जमानत पर रहते हुए हर महीने के पहले हफ्ते में संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जमानत अवधि के दौरान वह किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं होंगे और रिहाई के बाद अपनी सार्वजनिक छवि चमकाने जैसी गतिविधियों से दूर रहेंगे।
क्यों रद्द हुई थी पिछली जमानत?
यह मामला 13 नवंबर 2024 का है, जब देवली-उनियारा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे नरेश मीणा पर टोंक जिले के समरावता गांव में एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद इलाके में आगजनी और तोड़-फोड़ भी हुई थी, जिसके बाद मीणा को गिरफ्तार किया गया।
हालांकि, हाईकोर्ट ने उन्हें पहले भी इसी केस में जमानत दे दी थी। लेकिन बाद में अभियोजन पक्ष की एक अर्जी पर टोंक की एससी/एसटी मामलों की विशेष अदालत ने जुलाई में उनकी जमानत रद्द कर दी थी। आरोप था कि मीणा ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके बाद मीणा ने सरेंडर कर दिया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
अदालत में क्या दलीलें दी गईं?
जमानत रद्द करने की कार्रवाई नगरफोर्ट थाने में दर्ज एक मामले से जुड़ी थी। यह मामला झालावाड़ में एक स्कूल से जुड़ी घटना में सात बच्चों की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित था। पुलिस का आरोप था कि इस मामले में गिरफ्तारी के बाद मीणा ने अपनी जमानत की शर्तों को तोड़ा था।
हालांकि, मीणा के वकील रजनीश गुप्ता और फतेह राम मीणा ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ ज्यादातर मामले राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने झालावाड़ मामले का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने भी उस केस में जमानत देते हुए माना था कि मामला पहली नजर में राजनीतिक लगता है।
हाईकोर्ट ने अपने ताजा आदेश में पाया कि शुरुआती जमानत के बाद मीणा के खिलाफ दर्ज तीन मामलों में से दो में उन्हें आरोपी नहीं पाया गया। तीसरे मामले में भी उन्हें हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी थी और वह नियमित रूप से थाने में हाजिरी दे रहे थे।
इनपुट: IANS



