दाऊद इब्राहिम से जुड़े ड्रग्स सिंडिकेट पर ED का शिकंजा, सलीम डोला गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम इस्माइल डोला द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम इस्माइल डोला द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया के रूप में हुई है।
ईडी की यह कार्रवाई मुंबई में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सलीम डोला और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों का संबंध नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक सब्सटेंस की अवैध तस्करी से है।
संगठित अपराध का खुलासा
जांच में एक बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का पता चला है। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि यह गिरोह कई स्तरों पर काम करता था, जिसमें रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन (MD) का गुप्त रूप से निर्माण, और नशीले पदार्थों का अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय परिवहन शामिल है। इसके अलावा, अपराध से होने वाली कमाई को हवाला चैनलों के जरिए इकट्ठा किया जाता था और उसे सहयोगियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश कर छिपाया जाता था।
आरोपियों की भूमिका
जांच में सामने आया कि प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे मेफेड्रोन के अवैध निर्माण और उसकी बिक्री से मिले पैसे के उत्पादन, उपयोग और हस्तांतरण जैसी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल था। ईडी ने पाया कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल उसके करीबियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने में किया गया था।
वहीं, दूसरा आरोपी बृजेश मोराडिया मेफेड्रोन बनाने के लिए जरूरी रसायन की खरीद और आपूर्ति की व्यवस्था करता था। उसे सलीम डोला से अंगड़िया चैनल के जरिए नकद रकम मिलती थी। इस नकदी को बैंकिंग सिस्टम में लाने के लिए कई खातों का इस्तेमाल किया गया और फिर रासायनिक कंपनियों को भुगतान कर दिया गया। बाद में, कमीशन के नाम पर यह रकम वापस बृजेश मोराडिया और उसके सहयोगियों के खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
इनपुट: IANS



