मणिपुर: सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 27 IED निष्क्रिय किए, 3 उग्रवादी और ड्रग तस्कर भी गिरफ्तार
मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए 27 शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को निष्क्रिय कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय सेना और…
मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए 27 शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को निष्क्रिय कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय सेना और असम राइफल्स के एक संयुक्त अभियान के तहत राज्य के कामजोंग जिले में की गई। इसके अलावा, अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों के तीन उग्रवादियों और एक ड्रग तस्कर को भी पकड़ा गया है।
शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, खुफिया सूचना के आधार पर यह 48 घंटे लंबा अभियान कामजोंग जिले के शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर चलाया गया। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि लगभग 8 किलोमीटर लंबे इस पहाड़ी रास्ते के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 27 IED का पता लगाकर उन्हें बम निरोधक टीमों ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस काम में खोजी कुत्तों और विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद ली गई।
राज्य भर में कई कार्रवाइयां
सुरक्षाबलों ने सिर्फ IED ही बरामद नहीं किए, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां कीं। इंफाल पूर्वी जिले में चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशनों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों, कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (PREPAK) से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, एक अन्य मामले में, चुराचांदपुर जिले के तुइदाम गांव से नगमखोजांग किपगेन (35) नामक एक व्यक्ति को ड्रग तस्करी के संदेह में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का आरोप है कि उसके पास से साबुन की 60 डिब्बियों में छिपाकर रखा गया 785 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ है।
हथियार और गोला-बारूद भी बरामद
एक अन्य संयुक्त अभियान में, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय बलों ने इंफाल पश्चिम जिले में वैशन नदी के किनारे तलाशी ली। इस दौरान एक 7.62 एमएम सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), एक मैगजीन, एक सिंगल-बैरल हथियार, नौ जिंदा कारतूस और तीन वायरलेस संचार सेट बरामद किए गए। पुलिस इन जब्त हथियारों के जरिए राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि कामजोंग समेत मणिपुर के पांच जिले (चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल और उखरुल) म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा साझा करते हैं, जो सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इन इलाकों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



