मुंबई: कांदिवली में 13 नाबालिगों से बनवाई जा रही थीं नकली चूड़ियाँ, पुलिस ने छापेमारी कर छुड़ाया
मुंबई के कांदिवली इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही थी। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक विशेष…
मुंबई के कांदिवली इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही थी। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 13 बच्चों को छुड़ाया है, जिनसे नकली गहने और चूड़ियाँ बनवाने का काम लिया जा रहा था। ये सभी बच्चे पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं।
यह कार्रवाई गुरुवार को कांदिवली पश्चिम के चारकोप इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित 'जहारा फैशन एरा' नामक यूनिट पर की गई। छुड़ाए गए सभी बच्चों की उम्र 13 से 17 साल के बीच है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि इन नाबालिगों से हर दिन 9 से 10 घंटे तक काम कराया जाता था, लेकिन उन्हें पूरी मजदूरी भी नहीं दी जाती थी।
कामकाज की शर्तें और पुलिस की कार्रवाई
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि बच्चे उसी जगह पर रहने को मजबूर थे, जहाँ वे काम करते थे। यूनिट के मालिक अंकित कुमार महेंद्र रावल और ऑपरेटर समीनुर मोतियार रहमान शेख बच्चों की उम्र से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। छुड़ाए गए सभी बच्चों को आगे की देखभाल के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है।
गहन जाँच और बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जाँच कर रही है। अधिकारियों का foco इस बात का पता लगाने पर है कि इन बच्चों को पश्चिम बंगाल से मुंबई कौन और कैसे लाया। साथ ही, यह भी पड़ताल की जा रही है कि क्या इस घटना के पीछे बाल श्रम से जुड़ा कोई बड़ा संगठित रैकेट काम कर रहा है।
इनपुट: IANS



