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मध्य प्रदेश: दो दशक बाद सड़कों पर लौटी सरकारी बसें, पंडित दीनदयाल जयंती पर 'सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ

मध्य प्रदेश में लगभग 21 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ…

मध्य प्रदेश: दो दशक बाद सड़कों पर लौटी सरकारी बसें, पंडित दीनदयाल जयंती पर 'सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश में लगभग 21 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ किया गया, जिसका लक्ष्य राज्य के गांवों और शहरों को सीधी और सुलभ परिवहन सुविधा से जोड़ना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी योजना को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भोपाल के गोविंदपुरा स्थित दशहरा मैदान से हरी झंडी दिखाई।

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साल 2000 के दशक की शुरुआत में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था काफी हद तक निजी ऑपरेटरों के भरोसे थी। अब सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए यह नई पहल की है। राज्य सरकार का कहना है कि यह सेवा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' दर्शन से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति, खासकर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वालों तक किफायती और सुरक्षित परिवहन पहुंचाना है।

पीपीपी मॉडल पर आधारित नई शुरुआत

यह पूरी योजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है। इसके तहत एक विनियमित, तकनीक-आधारित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को फिर से स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। लॉन्च के पहले चरण में सात शहरों से कुल 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ रवाना किया गया। इनमें इंदौर में 145, भोपाल में 106, जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो बसें शामिल हैं।

शुभारंभ कार्यक्रम से एक दिन पहले गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने मंच और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ-साथ नई बसों को भी देखा और उनकी आधुनिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह और भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

सुरक्षा और भविष्य की योजना

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन बसों को जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी और डिजिटल टिकटिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सरकार ने 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तहत 2031 तक 15,000 बसें चलाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के पहले साल में 1,500 बसें शुरू की जाएंगी और इसके बाद हर साल 2,500 से 3,000 नई बसें जोड़ी जाएंगी। निजी ऑपरेटरों को प्रोत्साहित करने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की जाएंगी, साथ ही उन्हें विज्ञापन और कार्गो जैसी सेवाओं से अतिरिक्त राजस्व जुटाने की भी अनुमति होगी।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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