महाराष्ट्र MLC चुनाव परिणाम: महायुति में दरार? हार के बाद सहयोगी दलों में आरोप-प्रत्यारोप
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर खलबली मचा दी है। गठबंधन को जहाँ दो सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन सीटें गंवाने के बाद सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना में…
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर खलबली मचा दी है। गठबंधन को जहाँ दो सीटों पर जीत मिली, वहीं तीन सीटें गंवाने के बाद सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेतृत्व ने भी हार को स्वीकार करते हुए आत्ममंथन की आवश्यकता जताई है।
गुरुवार को पुणे में पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा, "हर चुनाव में जीत और हार होती है। परिणाम आने के बाद आत्ममंथन करना जरूरी होता है और हम ऐसा करेंगे।" उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनसीपी उम्मीदवार सतीश चव्हाण की हार को आत्ममंथन का विषय बताया।
सहयोगी दलों में दिखी दरार
चुनाव में मिली हार के बाद महायुति के दो प्रमुख घटक दलों, भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बान ने गठबंधन की हार के लिए सीधे तौर पर शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे और नागपुर में शिवसेना ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। बान के मुताबिक, अगर शिवसेना ने 'महायुति धर्म' का पालन किया होता तो गठबंधन सभी पांचों सीटें जीत सकता था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्रपति संभाजीनगर में मंत्री अब्दुल सत्तार ने एनसीपी उम्मीदवार के खिलाफ ही प्रचार किया, जिससे गठबंधन को नुकसान पहुँचा।
शिवसेना का भाजपा पर पलटवार
भाजपा के आरोपों का शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने तीखे शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने हार का ठीकरा शिवसेना पर फोड़ने को गलत बताते हुए कहा कि भाजपा को अपने सहयोगियों का सम्मान करना चाहिए। परांजपे ने कहा, "सभी सीटों पर हम ही लड़ेंगे और हम ही जीतेंगे' जैसी सोच महायुति के लिए ठीक नहीं है।"
उन्होंने पुणे स्नातक सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा जो पार्टी का सदस्य भी नहीं था, जिसे उनके अपने ही कार्यकर्ताओं ने स्वीकार नहीं किया। शिवसेना नेता ने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा को सहयोगियों पर दोषारोपण के बजाय अपनी चुनावी रणनीति पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।
NCP में भी उठी आत्ममंथन की आवाज
सुनेत्रा पवार से पहले एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने भी सोशल मीडिया पर चुनाव परिणामों को पार्टी के लिए एक 'स्पष्ट चेतावनी' बताया था। वहीं, महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इन नतीजों का विश्लेषण करेगा और इसकी सामूहिक जिम्मेदारी लेगा।
उल्लेखनीय है कि MLC चुनावों में महायुति ने पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक सीटें जीतीं, जबकि महा विकास अघाड़ी (MVA) ने पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर कब्जा किया। छत्रपति संभाजीनगर में एनसीपी के सतीश चव्हाण को शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटिल के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
इनपुट: IANS



