मिजोरम में रसोई गैस की किल्लत होगी दूर, 2028 तक पाइप से पहुंचेगी प्राकृतिक गैस
मिजोरम के लोगों को जल्द ही रसोई गैस सिलेंडर की बार-बार होने वाली कमी से निजात मिल सकती है। राज्य में 2028 की शुरुआत तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पहुंचने की उम्मीद है, जिससे घरों में…
मिजोरम के लोगों को जल्द ही रसोई गैस सिलेंडर की बार-बार होने वाली कमी से निजात मिल सकती है। राज्य में 2028 की शुरुआत तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पहुंचने की उम्मीद है, जिससे घरों में सीधे स्वच्छ और सुविधाजनक ईंधन की आपूर्ति हो सकेगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड (आईजीजीएल) की एक महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत संभव हो रहा है, जो उत्तरी त्रिपुरा के पानीसागर को मिजोरम की राजधानी आइजोल से जोड़ रही है।
राज्य की खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों की मंत्री बी. लालछनजोवा ने सोमवार को मामित जिले के तुइदाम में चल रहे पाइपलाइन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों के कारण ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली रुकावटों से मिजोरम में अक्सर एलपीजी की कमी हो जाती है, जिससे लोगों के घरेलू कामकाज पर असर पड़ता है। इस परियोजना से ईंधन की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पूर्वोत्तर गैस ग्रिड: एक बड़ी पहल
यह पाइपलाइन पूर्वोत्तर गैस ग्रिड परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस बड़ी पहल के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में 1,656 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिस पर लगभग 9,265 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इसी के एक हिस्से के रूप में, आईजीजीएल करीब 491 करोड़ रुपए की लागत से मिजोरम को त्रिपुरा नेचुरल गैस कंपनी लिमिटेड (टीएनजीसीएल) से जोड़ रही है। शुरुआती चरण में यह नेटवर्क मामित और आइजोल जिलों को कवर करेगा।
परियोजना की समय-सीमा और लाभ
परियोजना के तय कार्यक्रम के मुताबिक, पाइपलाइन मार्च-अप्रैल 2027 तक मामित शहर और मार्च-अप्रैल 2028 तक आइजोल जिले के सिहमई तक पहुंच जाएगी। आईजीजीएल द्वारा मुख्य पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद, टीएनजीसीएल घरों और अन्य उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देना शुरू कर देगी। मंत्री बी. लालछनजोवा ने उम्मीद जताई कि प्राकृतिक गैस की उपलब्धता से भविष्य में वाहनों के लिए सीएनजी की शुरुआत भी हो सकेगी, जिससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटेगी।
काम में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री ने आईजीजीएल के अधिकारियों से काम में तेजी लाने का आग्रह किया और परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए मिजोरम सरकार की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने परियोजना की सफलता के लिए सरकारी विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। इस 119.45 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का 104.345 किलोमीटर हिस्सा मिजोरम के 20 गांवों से होकर गुजरेगा, जबकि शेष 15.105 किलोमीटर त्रिपुरा में है।
इनपुट: IANS



