मिजोरम: कार में साबुन के 100 डिब्बों में छिपाई थी करोड़ों की हेरोइन, मणिपुर का तस्कर गिरफ्तार
पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। मिजोरम पुलिस ने एक अभियान के दौरान करीब 2.91 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की है और इस सिलसिले में मणिपुर के एक व्यक्ति…
पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। मिजोरम पुलिस ने एक अभियान के दौरान करीब 2.91 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की है और इस सिलसिले में मणिपुर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरफ्तारी मंगलवार रात को सैतुअल जिले में की गई।
पुलिस की एक विशेष टीम ने सैतुअल जिले के केइफांग में कुआलमावी के पास वाहनों की औचक जांच (रैंडम चेकिंग) शुरू की थी। इसी दौरान, टीम ने एक सफेद मारुति सुजुकी ब्रेजा कार को रोका। गाड़ी का चालक मणिपुर के कांगपोकपी जिले का रहने वाला 24 वर्षीय थांगमिनलुन बैटे था।
तलाशी में मिली 1.45 किलो हेरोइन
अधिकारियों ने बताया कि बैटे मणिपुर से मिजोरम की राजधानी आइजोल की ओर जा रहा था, जब उसकी गाड़ी को नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में रोका गया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार की सघन तलाशी ली गई। इस दौरान, पुलिस को साबुन के 100 डिब्बों में छिपाकर रखी गई हेरोइन मिली। जब्त की गई हेरोइन का कुल वजन 1.457 किलोग्राम है, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लगभग 2.914 करोड़ रुपये आंका गया है। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और अब पुलिस तस्करी के इस नेटवर्क के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
पूर्वोत्तर क्यों है तस्करी का बड़ा केंद्र
मिजोरम और मणिपुर, म्यांमार के साथ अपनी लंबी और बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रमुख रास्ते बन गए हैं। यह क्षेत्र 'गोल्डन ट्रायंगल' (म्यांमार, लाओस और थाईलैंड) के भी करीब है, जो दुनिया के प्रमुख नशीले पदार्थ उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। मिजोरम के छह और मणिपुर के पांच जिलों की 910 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमार से लगती है, जिसका बड़ा हिस्सा खुला है। इस वजह से यहां से हेरोइन, मेथामफेटामाइन गोलियां और अन्य प्रतिबंधित सामानों की सीमा पार तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इनपुट: IANS



