लद्दाख में स्थानीय स्वशासन को नई शक्ति: 8 परिषदों के लिए 100 निर्वाचन क्षेत्र अधिसूचित
लद्दाख में स्थानीय स्वशासन और जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बुधवार को लद्दाख की आठ स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के लिए 100…
लद्दाख में स्थानीय स्वशासन और जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बुधवार को लद्दाख की आठ स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के लिए 100 निर्वाचन क्षेत्रों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस फैसले से क्षेत्र में निर्वाचित पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 52 से 100 हो गई है।
यह निर्णय 'एलएएचडीसी (संशोधन) विनियमन, 2026' के तहत लिया गया है। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे लद्दाख में जमीनी लोकतंत्र के लिए एक "ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम स्थानीय प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा और लद्दाख के हर कोने में समावेशी शासन को बढ़ावा देगा।
निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन और विस्तार
इस पुनर्गठन के तहत, पहले केवल लेह और कारगिल जिलों में मौजूद निर्वाचित पर्वतीय परिषदों का विस्तार किया गया है। लद्दाख प्रशासन के अनुसार, अब सभी आठ परिषदों को पूर्ण शक्तियाँ प्राप्त होंगी। इन परिषदों को जिला स्तर पर भूमि आवंटन, परिषद निधि के प्रबंधन, स्थानीय कर लगाने और जिला कैडर में भर्ती को विनियमित करने जैसे व्यापक अधिकार मिलेंगे। निर्वाचन क्षेत्रों का यह नया आवंटन पंचायत हलकों और नगर निगम वार्डों को आधार इकाई मानकर किया गया है, जिसमें मतदाता संख्या और भौगोलिक क्षेत्र दोनों का ध्यान रखा गया है।
किस परिषद में कितनी सीटें?
अधिसूचना के मुताबिक, 100 सीटों का आवंटन इस प्रकार किया गया है:
- लेह: 22
- कारगिल: 21
- सांकू: 13
- चांगथांग: 10
- नुब्रा: 9
- शाम: 9
- ज़ांस्कर: 9
- द्रास: 7
इनपुट: IANS



