श्रीगंगानगर रेप कांड: हनुमान बेनीवाल ने की मांग, 'बच्चों के दोषियों को चौराहे पर सरेआम फांसी हो'
श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न की घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने कठोर प्रतिक्रिया देते
श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न की घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए भजनलाल शर्मा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बच्चों के साथ ऐसे अपराध करने वालों के लिए शहर के चौराहों पर सरेआम फांसी देने का कानून बनाने की मांग की है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को टैग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
प्रशासनिक विफलता पर उठाए सवाल
बेनीवाल ने इस घटना को राजस्थान के लिए शर्मनाक और एक बड़ी प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि पीड़िता को इतने दिनों तक बंधक रखे जाने के बावजूद स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। उन्होंने यह भी सवाल किया कि होटलों में इस तरह का घिनौना अपराध स्थानीय प्रशासन की जानकारी के बिना कैसे हो सकता है। RLP संयोजक ने पुलिस, आबकारी विभाग और संबंधित निगरानी अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की है।
सिर्फ मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं
सांसद बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक परामर्श की पूरी जिम्मेदारी ले। साथ ही, मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना करने की भी मांग की, ताकि जल्द न्याय मिल सके।
कठोर कानून बनाने की मांग दोहराई
अपने पिछले प्रयासों का जिक्र करते हुए बेनीवाल ने कहा कि वे संसद में भी बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए कड़े कानूनों की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने अपनी उस मांग को फिर दोहराया जिसमें ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का प्रावधान हो, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लग सके। इस घटना ने पूरे राजस्थान में व्यापक आक्रोश पैदा किया है और कई नेताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इनपुट: IANS



