शिलांग रोपवे परियोजना पर विवाद: साइट सील करने वाले KHADC इंस्पेक्टर के खिलाफ मेघालय सरकार ने दर्ज कराई FIR
मेघालय में महत्वाकांक्षी 'शिलांग पीक रोपवे प्रोजेक्ट' को लेकर सरकार और खासी हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (KHADC) के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने…
मेघालय में महत्वाकांक्षी 'शिलांग पीक रोपवे प्रोजेक्ट' को लेकर सरकार और खासी हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (KHADC) के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने KHADC के एक इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उन्होंने लॉसोहटन में प्रस्तावित रोपवे के लोअर टर्मिनल स्थल को अनधिकृत रूप से सील कर दिया था।
यह शिकायत मंगलवार को साइट सील किए जाने के बाद लाबान पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच चल रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सरकार का पक्ष और परियोजना की स्थिति
पर्यटन आयुक्त और सचिव आर.एम. कुरबाह ने परियोजना का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर काम हो रहा है, वह सरकार की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वहां कोई स्थायी निर्माण नहीं हो रहा है, बल्कि सिर्फ़ शुरुआती काम चल रहा है। इसमें मिट्टी की जांच, पहुंच मार्ग का विकास और भूमि को समतल करने जैसी गतिविधियां शामिल हैं, जो परियोजना को वित्तपोषित कर रहे नवविकास बैंक के पर्यावरण और सामाजिक मानकों के अनुसार अनिवार्य हैं।
कुरबाह ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि काम बिना जरूरी मंजूरी के शुरू किया गया। उन्होंने कहा, "न तो निचले टर्मिनल पर और न ही रोपवे के छह स्तंभों के प्रस्तावित स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हुआ है।"
लाइसेंस और मंजूरियों की प्रक्रिया
सरकारी पक्ष के मुताबिक, ठेकेदार को सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए 25 अक्टूबर 2025 को कार्य आदेश जारी किया गया था। इसके बाद विभिन्न स्थानीय निकायों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) हासिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई:
- 4 मई 2026: डोरबार पिल्लुन से NOC प्राप्त।
- 18 मई: KHADC व्यापार लाइसेंस के लिए आवेदन।
- 16 जुलाई: हिमा म्यलीम के सिएम (प्रमुख) से NOC के लिए आवेदन, जिसका जवाब 28 जुलाई को मिला।
- 28 सितंबर: सान कुर के डोरबार मंत्री और रियात लाबान मायलीम के 11 कुर से एक और NOC प्राप्त।
कुरबाह ने बताया कि KHADC द्वारा 27 अगस्त को भेजे गए कारण बताओ नोटिस का भी ठेकेदार ने जवाब दे दिया था, जबकि लाइसेंसिंग प्रक्रिया अभी जारी है।
स्थानीय चिंताएं और विरोध
इस बीच, परियोजना का विरोध कर रही एक संयुक्त कार्रवाई समिति ने बुधवार को हिमा मायलीम के सिएम से मुलाकात की। समिति ने मांग की है कि परियोजना के लिए भूमि पट्टे की व्यवस्था करने वाले मुखियाओं को दिए गए 'सनद' (अधिकार पत्र) रद्द किए जाएं। कुरबाह ने कहा कि लुम शिलोंग और उसके जलग्रहण क्षेत्र से संबंधित चिंताओं को पहले ही दूर किया जा चुका है और यह प्रस्तावित रोपवे स्थल से लगभग 3.15 किमी दूर है।
इनपुट: IANS



