तमिलनाडु: मुख्यमंत्री विजय का मंत्रियों को निर्देश - जनता की ज़रूरतें और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन पहली प्राथमिकता हो
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में उन्होंने…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में उन्होंने मंत्रियों को जनता की बुनियादी ज़रूरतों पर ध्यान केंद्रित करने, सरकारी ठेकों में पूरी पारदर्शिता बरतने और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
चेन्नई के सचिवालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मंत्रियों को आम लोगों की शिकायतों और रोज़मर्रा की समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल की कमी और खराब सड़कों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा।
शासन और पारदर्शिता पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से आग्रह किया कि वे निविदा (टेंडर) आवंटन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें और सरकारी अनुबंधों में पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन करें। उन्होंने अपने काम में ईमानदारी बनाए रखने और रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार से पूरी तरह दूर रहने की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश था कि जनता के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले मामलों को सबसे पहले निपटाया जाए।
बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
इस कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इनमें औद्योगिक निवेश के प्रस्ताव, बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाना और चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा शामिल थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में बिजली कटौती की समस्या से निपटने और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
इसके अलावा, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजस्व विभाग के ज़रिए गरीब परिवारों को भूमि पट्टे देने और प्रस्तावित सामाजिक न्याय सर्वेक्षण जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा थे। मंत्रिमंडल ने नए उद्योग लगाने की इच्छुक कंपनियों और अपने कारोबार का विस्तार करने वाले मौजूदा उद्यमों से संबंधित प्रस्तावों पर भी बात की। हालांकि, इन चर्चाओं से जुड़े विशिष्ट वित्तीय आवंटन या कार्यान्वयन की समय-सीमा का विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका।
इनपुट: IANS



