मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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मेघालय: दूर-दराज के 93 गाँवों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाएँगी तीन नई मोबाइल मेडिकल यूनिट

मेघालय में स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के सबसे दूर-दराज के कोनों तक पहुँचाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को शिलांग में तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ किया। इस पहल…

मेघालय: दूर-दराज के 93 गाँवों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाएँगी तीन नई मोबाइल मेडिकल यूनिट
(फोटो: IANS)

मेघालय में स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के सबसे दूर-दराज के कोनों तक पहुँचाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को शिलांग में तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य उन समुदायों को प्राथमिक और निवारक चिकित्सा सुविधाएँ देना है, जहाँ स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचना मुश्किल है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये तीन मोबाइल क्लीनिक तीन प्रमुख सामुदायिक एवं ग्रामीण विकास ब्लॉकों—मावपात, पिनुरसला और बाघमारा—में अपनी सेवाएँ देंगे। इनसे पूर्वी खासी हिल्स और दक्षिण गारो हिल्स जिलों के अनुमानित 93 गाँवों की दो लाख से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा, जिसमें मावपात के लगभग 45, पिनुरसला के 26 और बाघमारा के 22 गाँव शामिल हैं।

चिकित्सा सुविधाओं से लैस वाहन

प्रत्येक मोबाइल यूनिट एक छोटे अस्पताल की तरह काम करेगी, जिसमें एक डॉक्टर और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। ये वाहन आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, दवाइयों और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड जैसी तकनीकी सुविधाओं से पूरी तरह लैस होंगे। ये टीमें गाँवों में जाकर लोगों को परामर्श, बुनियादी जाँच, इलाज और फॉलो-अप जैसी सेवाएँ प्रदान करेंगी। गंभीर मामलों में मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर करने की सुविधा भी होगी।

गैर-संक्रामक रोगों पर विशेष ध्यान

इस पहल का एक मुख्य फोकस गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) की रोकथाम, जाँच और प्रबंधन पर होगा। कार्यक्रम के तहत नियमित स्वास्थ्य जाँच, बीमारियों का शीघ्र पता लगाने और पुरानी बीमारियों के निरंतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, ये यूनिट्स स्थानीय स्वास्थ्य ज़रूरतों के आधार पर कैंसर और आँखों की जाँच जैसी विशिष्ट सेवाएँ भी प्रदान करेंगी।

शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि उनकी सरकार के लिए 2018 से ही स्वास्थ्य और शिक्षा प्राथमिकता रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "एम्बुलेंस का शुभारंभ करना सबसे आसान काम है। असली खुशी तब मिलेगी जब हम लोगों की जान बचा पाएँगे।" उन्होंने कहा कि इस पहल की सफलता का मूल्यांकन इसके शुभारंभ से नहीं, बल्कि मरीज़ों पर पड़ने वाले प्रभाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि यदि इन यूनिट्स का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, तो वे राज्य में अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने में "बड़ा बदलाव" ला सकती हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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