Macdonald's इंडिया (प.-द.) ऑपरेटर वेस्टलाइफ घाटे में: बिक्री बढ़ने के बावजूद क्यों हुआ ₹2.7 करोड़ का नुकसान?
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मैकडॉनल्ड्स के पश्चिमी और दक्षिणी भारतीय कारोबार को चलाने वाली कंपनी वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड लिमिटेड को ₹2.7 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। यह नतीजा इसलिए चौंकाने वाला…
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मैकडॉनल्ड्स के पश्चिमी और दक्षिणी भारतीय कारोबार को चलाने वाली कंपनी वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड लिमिटेड को ₹2.7 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। यह नतीजा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹37 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुनाफे में इस गिरावट के बावजूद कंपनी की आमदनी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 16.4% बढ़कर ₹747 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹642 करोड़ था।
बिक्री बढ़ी, फिर घाटा क्यों?
राजस्व में वृद्धि और बेहतर परिचालन के बाद भी कंपनी को हुए शुद्ध घाटे से पता चलता है कि उस पर अन्य वित्तीय और गैर-परिचालन खर्चों का दबाव रहा है। हालांकि, कंपनी ने बेहतर परिचालन, दक्षता और लागत नियंत्रण के दम पर अपने परिचालन लाभ (EBITDA) में सुधार किया है। कंपनी का EBITDA साल-दर-साल 39.2% बढ़कर ₹94 करोड़ हो गया, और EBITDA मार्जिन भी 10.5% से सुधरकर 12.5% पर पहुँच गया।
विस्तार और डिजिटल ग्रोथ
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने अपने विस्तार की योजनाओं को भी जारी रखा। इस तिमाही में वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड ने 11 नए रेस्तरां खोले, जिससे 80 शहरों में उसके कुल आउटलेट्स की संख्या 492 हो गई है। कंपनी के चेयरमैन, अमित जटिया ने कहा, "ग्राहकों की संख्या में वृद्धि, बेहतर लाभप्रदता और लगातार विस्तार हमें भविष्य के बड़े अवसरों का लाभ उठाने... और उद्योग में अपनी नेतृत्व स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में अच्छी स्थिति में रखते हैं।"
इसके अलावा, कंपनी का डिजिटल कारोबार भी लगातार बढ़ रहा है। सितंबर तिमाही में कुल बिक्री का 75% से अधिक हिस्सा डिजिटल चैनलों से आया। मैकडॉनल्ड्स ऐप के कुल डाउनलोड 5.8 करोड़ को पार कर गए और मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 42 लाख हो गई।
इनपुट: IANS



