मणिपुर: नोनी जिले में मुठभेड़, एक की मौत और CRPF जवानों समेत पांच घायल
मणिपुर के नागा-बहुल नोनी जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवकों के बीच हुई एक मुठभेड़ में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
मणिपुर के नागा-बहुल नोनी जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवकों के बीच हुई एक मुठभेड़ में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन के दो जवान भी शामिल हैं।
यह घटना जिले के बिटियांग गांव में उस समय हुई जब सुरक्षा बल इलाके में एक अभियान चला रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इसी दौरान हथियारबंद ग्रामीण स्वयंसेवकों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ छिड़ गई। इस गोलीबारी में एक नागा विलेज गार्ड (NVG) सदस्य की मौत हो गई और तीन अन्य स्वयंसेवक घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, मुठभेड़ के दौरान CRPF के दो जवानों को भी छर्रे लगने से चोटें आईं, जिन्हें इलाज मुहैया कराया गया है।
विरोध प्रदर्शन और बंद का ऐलान
इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी समुदायों ने CRPF द्वारा गांवों में चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, जेटीसी-मणिपुर की वर्किंग कमेटी ने चार नागा समुदायों (इनपुई, लियांगमाई, रोंगमेई और जेमे) के क्षेत्रों से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे परियोजनाओं और राष्ट्रीय परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है।
एक बयान जारी कर कमेटी ने आरोप लगाया कि यह बंद 13 मई को छह नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के साथ-साथ बिटियांग गांव में नागा स्वयंसेवक समूहों पर हुए कथित हमले के विरोध में किया गया है। संगठन ने इस हमले में कोबरा टीम और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (जे) के शामिल होने का आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और नागा गांवों के खिलाफ ऑपरेशन रोकने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य के कई हिस्सों में विभिन्न समुदायों ने अपने इलाकों की सुरक्षा के लिए हथियारबंद स्वयंसेवी समूह बना लिए थे।
इनपुट: IANS



