NEET प्रदर्शन: महाराष्ट्र सरकार छात्रों पर दर्ज केस लेगी वापस, CM फडणवीस ने दिए निर्देश
महाराष्ट्र में NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को एक बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गृह विभाग को निर्देश दिया है…
महाराष्ट्र में NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को एक बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के गृह विभाग को निर्देश दिया है कि इन प्रदर्शनों के संबंध में दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण इन युवाओं के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद, राज्य भर में दर्ज मामलों को आधिकारिक रूप से वापस लेने की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी। इससे उन छात्रों के रिकॉर्ड साफ हो सकेंगे जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी या FIR दर्ज हुई थी। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम अन्य राज्यों द्वारा उठाए गए ऐसे ही कदमों की तर्ज पर है।
क्यों दर्ज हुए थे मामले?
NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान, अकेले मुंबई पुलिस ने ही 12 से 13 FIR दर्ज की थीं। ये मामले वर्ली, दादर, सायन, माहिम और शिवाजी पार्क जैसे कई पुलिस थानों में दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 900 से अधिक लोगों पर अवैध रूप से इकट्ठा होने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने जैसी जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें से सैकड़ों लोगों को व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजकर जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया था।
विपक्ष और सुप्रीम कोर्ट का रुख
राज्य के विपक्षी नेताओं ने भी छात्रों पर से मामले हटाने की जोरदार मांग की थी। राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से अपील की थी कि बिहार की तरह एक आधिकारिक आदेश जारी किया जाए। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिया था कि महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में NEET प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और हिरासत में लिए गए नाबालिगों को तुरंत रिहा किया जाए।
इनपुट: IANS



