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कृषि योजनाओं में महाराष्ट्र का शानदार प्रदर्शन, RKVY की दूसरी किस्त पाने वाला पहला राज्य बना

महाराष्ट्र, केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (RKVY) के तहत मिलने वाले फंड की दूसरी किस्त पाने की योग्यता हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य…

कृषि योजनाओं में महाराष्ट्र का शानदार प्रदर्शन, RKVY की दूसरी किस्त पाने वाला पहला राज्य बना
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र, केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (RKVY) के तहत मिलने वाले फंड की दूसरी किस्त पाने की योग्यता हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य ने समय पर राशि का प्रभावी इस्तेमाल कर यह उपलब्धि हासिल की है, जिसके चलते केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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यह निर्णय केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई एक वर्चुअल समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। बैठक में योजना के तहत जारी राशि के उपयोग का जायजा लिया गया। महाराष्ट्र को पहली किस्त में मिले 335 करोड़ रुपए में से राज्य ने करीब 260 करोड़ रुपए खर्च कर लिए, जो कि फंड इस्तेमाल के लिए निर्धारित 75% के बेंचमार्क से कहीं ज्यादा है।

कामकाज की सराहना और सुधार के निर्देश

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कृषि विकास कार्यक्रमों के इस प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि तय सीमा से अधिक खर्च यह दिखाता है कि राज्य में योजनाएं सही ढंग से लागू हो रही हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समय पर खर्च के साथ-साथ लगातार निगरानी भी जरूरी है ताकि सरकारी पैसे का इस्तेमाल उन्हीं कामों के लिए हो, जिनके लिए वह स्वीकृत हुआ है।

बैठक में 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर' (बागवानी मिशन) में संतोषजनक प्रगति को स्वीकार करते हुए, मंत्री ने राज्य से कुछ अन्य क्षेत्रों में खर्च की गति बढ़ाने का आग्रह किया। इनमें डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, बीज, तिलहन और कृषि-वानिकी से जुड़े काम शामिल हैं।

किसानों से जुड़े अन्य मुद्दे

इस दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने किसानों से फसल बीमा का आवेदन करते समय सही जानकारी देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक और गैर-KCC धारक, दोनों ही किसान बीमा लाभ के पात्र हैं।

मंत्री ने किसान आईडी बनाने में महाराष्ट्र के प्रदर्शन की भी तारीफ की और बाढ़ प्रभावित किसानों को दी गई त्वरित वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया। उस दौरान राज्य ने लगभग 14,000 करोड़ रुपए का मुआवजा पांच दिनों के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था।

इनपुट: IANS

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