NEET पेपर लीक: मुंबई में कांग्रेस का BJP कार्यालय तक मार्च, हर्षवर्धन सपकाल समेत कई नेता हिरासत में
महाराष्ट्र कांग्रेस ने बुधवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च मुख्य रूप से NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध…
महाराष्ट्र कांग्रेस ने बुधवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च मुख्य रूप से NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेता संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य सांसदों के साथ हुए व्यवहार से भी नाराज थे।
कांग्रेस का यह विरोध मार्च गांधी भवन से शुरू होकर दक्षिण मुंबई स्थित भाजपा कार्यालय तक जाना था। प्रदर्शन में शामिल नेता भाजपा कार्यालय पहुंचकर उन्हें संविधान की एक प्रति सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रीगल सिनेमा के पास ही रोक लिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व और प्रमुख मांगें
इस प्रदर्शन का नेतृत्व महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल कर रहे थे। उनके साथ विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुंगेकर और हुसैन दलवाई समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी ने भी इस मार्च में हिस्सा लिया।
कांग्रेस पार्टी ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा, उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा में हुई धांधली पर संसद में तुरंत चर्चा कराना और प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेना शामिल है।
सरकार पर लगे गंभीर आरोप
हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि NEET पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधेरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपने हक के लिए सड़कों पर उतरे, तो सरकार के कहने पर पुलिस ने उन पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया।
सपकाल ने कहा, "जब राहुल गांधी छात्रों की आवाज उठाने प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, तो उन्हें और अन्य सांसदों को तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया। यह तानाशाही है।" उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली में छात्रों के साथ हुए व्यवहार और पुलिसिया कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
आगे की रणनीति और बंद का समर्थन
भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए सपकाल ने कहा कि यह लड़ाई जारी रहेगी और अगला कदम महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं से चर्चा के बाद तय किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी, वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा गुरुवार को बुलाए गए 'महाराष्ट्र बंद' का समर्थन करती है।
प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर केवल शरद पवार या उनकी पार्टी के नेता ही कोई टिप्पणी कर सकते हैं।
इनपुट: IANS



